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सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर आशा वर्कर्स गरजी-

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मांगें मनवाने को सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर आशा वर्कर्स ने दिया धरना
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
आशा वर्कर यूनियन ने मांगें मनवाने के लिए सिविल सर्जन कार्यालय पर धरना जारी रखते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। आशा वर्करों में गुस्सा है कि सरकार वादे पूरे नहीं कर रही। रोजगार देने की बजाए छीनने के प्रयास किए जा रहे हैं। रविवार को चौथे दिन धरने की अध्यक्षता निसिंग ब्लाक प्रधान रमन देवी ने की और संचालन सचिव सुमन ब्रास ने किया। इस दौरान जिला प्रधान सुदेश रानी ने कहा कि आशा वर्करों के प्रति अपनाए जा रहे असंवेदनशील रवैये के खिलाफ, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को स्थायी बनाने, आशाओं को पक्का कर्मचारी घोषित करने, न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये करने और आशा वर्कर्स को कन्या भ्रूणहत्या का दोषी ठहराने के खिलाफ यह धरना दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा सरकार के आने के बाद आशा वर्कर्स को लगातार भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मानदेय और प्रोत्साहन राशियों का भुगतान समय पर नहीं किया जाता। जितना पैसा मिलता है उसका यह भी पता नहीं चलता कि यह किस महीने का पैसा है। कई प्रकार के अतिरिक्त काम आशाओं से करवाए जाते हैं। वहीं जिला सचिव बबली ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कामों को एनजीओ के माध्यम से करवा कर भाजपा सरकार इस मिशन को निजी हाथों में सौंपने का काम कर रही है। उन्होंने बताया कि धरना 25 जनवरी तक जारी रहेगा और 27 से 29 जनवरी तक राज्य स्तरीय हड़ताल की जाएगी। इस मौके पर राज्य उपप्रधान रोशनी देवी, जिला उपप्रधान सरेशो देवी, लक्ष्मी, पूनम, गीता, कमलेश, लक्ष्मी, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान ओमप्रकाश सिंहमार, कृष्ण शर्मा, जयपाल, ओमप्रकाश माटा और रोशन लाल आदि मौजूद रहे।
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