करनाल। जून के अंतिम कुछ दिनों में हुई प्री-मानसून की जोरदार बारिश ने मानूसन का रास्ता रोक दिया है। जिसके कारण 28 जून तक प्रदेश में पहुंचने वाला मानसून अभी तक प्रदेश में नहीं पहुंच पाया है। मौसम वैज्ञानिकों ने अब 5 जुलाई तक प्रदेश में मानसून के पहुंचने की उम्मीद जताई है। हालांकि मानसून ने दिल्ली-एनसीआर के साथ हरियाणा के भी कुछ इलाकों में दस्तक दे दी है, लेकिन पूरे प्रदेश मानसून 5 और 6 जुलाई तक पहुंचेगा। मानसून आने से पहले प्री-मानसून की बारिश प्रदेश में जारी रहेगी। प्री-मानसून की अच्छी बारिश ने इसबार लोगों को बड़ी राहत दी है, लेकिन यही बारिश अब मानसून के रास्ते का रोड़ा बन रहा है। मानसून रविवार को ही दिल्ली-एनसीआर के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उतराखंड व हरियाणा के कुछ इलाकों में पहुंच गया है, लेकिन प्रदेश में प्री-मानसून अभी भी पूरी तरह सक्रिय है, जिससे यहां के आसमान में लो प्रेशर एरिया बना हुआ। इस कारण मानसून पूरी क्षमता से आगे नहीं बढ़ पा रहा। सीएसएसआरआई के मौसम वैज्ञानिक डॉ देवेंद्र बुंदेला ने बताया कि राहत की बारिश देने वाला प्री-मानसून ही इस समय मानसून के रास्ते का सबसे बड़ी रूकावट है। प्री-मानसून प्रदेश में पूरी तरह सक्रिय है, जिससे मानसून को आगे बढ़ने में दिक्कत आ रही है। अभी तो सबकुछ ठीक लग रहा है और उम्मीद है कि मानूसन 5 से 6 जुलाई के बीच पूरे प्रदेश में छा जाएगा, लेकिन प्री-मानसून की वजह से प्रेशर और कम हुआ तो मानूसन वापस भी लौट सकता है। इसलिए अब प्री-मानसून जितनी जल्दी सुस्त पड़े मानसून के लिए उतना फायदा है।