एनडीआरआई के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी पर नौकरी दिलाने के नाम पर 5.50 लाख रुपये की ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है। बताया जा रहा है कि वह इस समय सरसों अनुसंधान निदेशालय भरतपुर (राजस्थान) में तैनात हैं। कैथल जिले के पीड़ित राजेश सिंह ने उक्त अधिकारी के खिलाफ करनाल के सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। पुलिस ने केस की जांच शुरू कर दी है। कैथल जिले के डडवाना गांव निवासी राजेश सिंह ने आरोप लगाया है कि उसे जानकारी मिली कि एनडीआरआई में ठेके पर युवकों को काम पर रखा जा रहा है। उसने जब एनडीआरआई के प्रशासनिक अधिकारी रमेशचंद मीणा से एक अप्रैल 2013 को संपर्क किया तो उन्होंने पक्की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। जिसके लिए सात लाख रुपये मांगे। अगस्त 2013 में एनडीआरआई कार्यालय जाकर 6.30 लाख नगद दिए, शेष 70 हजार खाते में जमा दिए। इसके बाद भर्तियां निकलने का इंतजार कराता रहा। बाद में एनडीआरआई करनाल व आईवीआरआई बरेली के फार्म भरवाए। 1 जुलाई 2018 को पेपर हुआ। 9 अगस्त 2018 को उसे फर्जी नियुक्ति पत्र बनाकर डाक द्वारा भेज दिया। जिसे आईवीआरआई बरेली में फर्जी बता दिया गया। जब दबाव बनाया तो 2019 में दो बार में एक लाख, जनवरी 2020 में 49 हजार रुपये वापस किए लेकिन अभी भी 5.50 लाख रुपये की ठगी कर ली है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।