- तीन कंपनियों का काम बंद कराने व दो पर सात लाख का जुर्माना लगाने की तैयारी
- अब तक 59 कंपनियों ने कराया डस्ट पोर्टल पर पंजीकरण, दिल्ली से विशेष टीम कर रही जांच
राकेश चौहान
करनाल। प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने डस्ट पोर्टल पर पंजीकरण न कराने वाली कंपनियों पर सख्ती शुरू कर दी है। दिल्ली से आई टीम ने इमारत बनाने वाली 25 कंपनियों को नोटिस जारी कर और उन पर 49.60 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया है। टीम ने दो कंपनियों पर करीब सात लाख रुपये का जुर्माना लगाने और तीन कंपनियों का काम बंद करने के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा है। जल्द इन कंपनियों पर कार्रवाई की जाएगी।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण विभाग के डस्ट पोर्टल पर इमारत बनाने वाली कंपनियों का पंजीकरण और पोर्टल पर दिए गए नियमों का पालन करना जरूरी है। वायु प्रदूषण को कम करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने निर्देश जारी किए हुए हैं कि इमारत बनाने वाली कंपनियां सरकारी व प्राइवेट व ठेकेदार जो 500 वर्ग मीटर व इससे अधिक के प्लॉट में कार्य करती है उसे डस्ट पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। साथ ही उस जगह को ढकना भी होगा ताकि उस कार्य स्थल में उठने वाली धूल बाहर न जाए। इसलिए दिल्ली की टीम निरीक्षण करने आती है।
विभाग की टीम ने सख्ती इसलिए शुरू कर दी है क्योंकि अभी तक सिर्फ 59 कंपनियों ने ही पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। पंजीकरण का मुख्य यह है कि विभाग की टीम मौके पर जाकर उस क्षेत्र का निरीक्षण कर सकती है। वहां चेक कर सकती है कि उस कंपनी ने नियमों का पालन किया है या नहीं। इससे विभाग की उस कार्य पर सीधी नजर होगी।
ये हैं मुख्य नियम
- इमारत बनाने वाली कंपनी को निर्माण स्थल पर सीसीटीवी लगाने होंगे।
- जिस जगह पर इमारत बनाने व गिराने का काम चल रहा है वह जगह चारों तरफ से कवर होनी चाहिए।
- निर्माण सामग्री को भी ढक कर रखना चाहिए, ताकि तेज हवा में उसके कण न उड़ें।
- एनसीआर के नगर पालिका क्षेत्र में 500 वर्ग मीटर से एक हजार वर्ग मीटर प्लाॅट में एंटी स्मॉग गन लगानी होगी।
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कब कितना रहा जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक
तिथि
वायु गुणवत्ता सूचकांक
25 अगस्त
74
26 अगस्त
99
27 अगस्त
100
28 अगस्त
69
29 अगस्त
33
31 अगस्त
83
एक सितंबर
76
प्रतिदिन लगता है जुर्माना
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के इन नियमों का यदि कोई निर्माण कंपनी पालन नहीं करती है तो उस पर विभाग की ओर से जुर्माना लगाया जाता है। यदि कंपनी ने डस्ट पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया और निर्माण सामग्री को ढक कर नहीं रखा तो उन पर अलग-अलग तरीके से जुर्माना लगेगा। जिसमें एक लाख रुपये व 75 से 1500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भी जुर्माना लगाया जा सकता है।
दिल्ली से आकर विभाग की टीम निरीक्षण कर रही है। जिन कंपनियों ने डस्ट पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया और वह 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में काम कर रही है। उन पर टीम जुर्माना लगा रही है। अभी तक 25 कंपनियों पर 49.60 लाख रुपये जुर्माना लगाया जा चुका है। दो और कंपनियों पर सात लाख रुपये का जुर्माना लगाने की तैयारी चल रही है। तीन कंपनियों का काम बंद करने को भी अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। अभी तक 59 कंपनियों ने ही पंजीकरण कराया है।
- शैलेंद्र अरोड़ा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड करनाल