करनाल। कर्ण नगरी बड़ी तेजी से टीबी मुक्त भारत लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग ने टीबी मुक्त भारत के तहत जिले की कुल 395 में से 45 ऐसी ग्राम पंचायतों का चयन किया है, जिनमें टीबी रोगियों की संख्या या तो शून्य है या फिर उनमें मात्र एक मरीज है और उसका भी इलाज चल रहा हो।
अब 29 जनवरी को राज्य स्वास्थ्य विभाग का एक प्रतिनिधिमंडल करनाल जिले में पहुंचेगा और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की ओर से चयनित टीबी मुक्त 45 ग्राम पंचायतों का दौरा करेगा। इस दौरे के बाद चयनित ग्राम पंचायतों को आगामी 24 मार्च यानी विश्व टीबी दिवस पर जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 के टीबी के ओवरऑल सेक्सेस प्वाइंटस में करनाल जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।
उप-सिविल सर्जन एवं नोडल अधिकारी (टीबी) करनाल डॉ. सिम्मी कपूर का कहना है कि जिलेभर की 395 ग्राम पंचायतों में से स्वास्थ्य विभाग की ओर से 45 गांवों को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत की श्रेणी में रखा गया है। इसको लेकर अब राज्य का एक प्रतिनिधिमंडल सत्यापन के लिए गांव-गांव जाकर निरीक्षण करेंगा। जिसके बाद करनाल के टीबी मुक्त गांवों की एक नई सूची तैयार की जाएगी। नई सूची में आने वाली ग्राम पंचायत को जिला स्तर पर विश्व टीबी दिवस पर सम्मानित किया जाएगा। संवाद