संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। शहर के सेक्टर-32 में करीब साढ़े तीन सौ से अधिक झोपड़ियों को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) अन्यत्र शिफ्ट करने की तैयारी में है। क्योंकि उच्च न्यायालय ने यहां अनाधिकृत रूप से एचएसवीपी की जमीन पर बसी झोपड़ियां हटाने के आदेश दे दिए हैं। जिला प्रशासन भी इन्हें शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है। इसके लिए एचएसवीपी के ही आशियाना कॉम्पलेक्स में झोपड़ियों में रह रहे परिवारों को फ्लैट देना प्रस्तावित है। मंगलवार को उपायुक्त अनीश यादव ने एचएसवीपी के संपदा अधिकारी दीपक घनघस व कार्यकारी अभियंता धर्मवीर सिंह के साथ बैठक कर इस मामले में मंथन किया और एचएसवीपी की तैयारियों की जानकारी ली।
डीसी अनीश यादव ने बताया कि मुगल कैनाल स्थित आशियाना कॉम्पलेक्स में एचएसवीपी के 264 फ्लैट मौजूद हैं। सेक्टर-32 में रह रहे नागरिकों के घरों के चारों ओर झोपड़ियां बनी हैं। वर्ष 2020 में इनकी संख्या को लेकर एक सर्वे हुआ था, जिसमें 341 झोपड़ियां मिली थी। अब इनकी संख्या पहले से अधिक हो चुकी है। नागरिकों ने उच्च न्यायालय में गुहार लगाई थी कि इन्हें सेक्टर-32 से हटाया जाए। इस पर न्यायालय ने जिला प्रशासन को इन्हें हटाने के आदेश दिए हैं। अब इनमें रह रहे परिवारों को आशियाना में शिफ्ट करने के लिए एचएसवीपी की ओर से विचार किया जा रहा है।
आशियाना में इन परिवारों को जो फ्लैट दिए जाने प्रस्तावित हैं, उसमें एक ड्रा का तरीका अपनाया जाएगा। ड्रा की तारीख और नियम, एचएसवीपी के प्रशासक तय करेंगे। ईओ की ओर से प्रशासक को इस बारे में पत्र लिख दिया गया है, तारीख मिलने के बाद ही इस पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ईओ दीपक घनघस ने बताया कि जानकारी के मुताबिक 341 झोपड़ियों में कुछ प्रवासी हैं और कुछ लेबर का काम करने वाले भी हैं, जो अस्थाई तौर पर यहां रह रहे हैं।
ड्रॉ के लिए प्रशासक बनाएंगे कमेटी
ड्रॉ के लिए प्रशासक की ओर से एक कमेटी गठित की जानी प्रस्तावित है, जिसमें डीटीपी, एचएसवीपी के एक्सईएन और प्रशासन की ओर से एक प्रतिनिधि अधिकारी शामिल रहेंगे। जो इस मामले को लेकर नियमों के अनुसार ड्रा की कार्रवाई निकालेंगे। कमेटी की अध्यक्षता प्रशासक की ओर से ही की जाएगी।