करनाल। देश के विभाजन के बाद विभीषिका में अपनी देशभक्ति व धर्म की रक्षा के लिए अपना सब कुछ खोकर सृजन का नया बीज बोकर खुद को स्थापित करने वालों को भारतीय मुलतानी परिमंडल महासभा की ओर से रविवार को सम्मानित किया जाएगा। महासभा के अध्यक्ष प्रो. जोगिंद्र मदान ने बताया कि वर्ष 1947 में विभाजन के दौरान 10 लाख से अधिक भारतीयों ने देश और धर्म के लिए जान दी और भारत की स्वतंत्रता का मूल्य चुकाया, उनकी याद में भारतीय मुलतानी परिमंडल महासभा की ओर से इस बार भी विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में 17 अगस्त को दोपहर बाद तीन से शाम 6 बजे तक डॉ. मंगलसेन ऑडिटोरियम में श्रद्धांजलि और सम्मान समारोह आयोजित कर रही है। ब्यूरो