यमुनानगर की प्रिंसिपल की हत्या के विरोध में बंद रहे निजी स्कूल
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
यमुनानगर के एक निजी स्कूल की प्रिंसिपल की हत्या के विरोध में जिला के सभी निजी स्कूल संचालकों ने विरोध स्वरूप स्कूलों को बंद रखा और प्रदेश सरकार के नाम एडीसी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि स्कूलों की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए सरकार कोई ठोस कदम उठाए। स्कूलों की सुरक्षा को लेकर दोहरे मापदंड न अपनाए जाएं। आमतौर पर यही हो रहा है कि यदि स्कूल में कोई घटना घटती है या स्कूल बस के साथ कोई दुर्घटना आदि होती है तो स्कूल मुखिया के विरुद्ध केस दर्ज किया जाता है जोकि सरासर गलत है। अब एक प्रिंसिपल को ही स्कूल परिसर में ही मौत के घाट उतार दिया गया इससे सरकार की कानून व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न उठता है। स्कूल संचालकों में यह भी रोष है कि कोई सरकारी अधिकारी या सरकार का प्रतिनिधि मृतक प्रिंसिपल के घर संवेदना व्यक्त करने नहीं गया। मंगलवार को प्रिंसिपल की रस्म क्रिया थी, एडीसी को ज्ञापन देने के बाद स्कूल संचालक यमुनानगर के लिए रवाना हुए। मंगलवार को सीबीएसई और एचबीएसई संबंधित स्कूलों ने बंद का समर्थन किया, वहीं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी विरोध जताने पहुंचे। निफा अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह पन्नु ने कहा कि कहीं न कहीं अभिभावकों को भी जागृत रहने की आवश्यकता है। इस अवसर पर फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल हरियाणा के प्रांतीय महासचिव सुशील शर्मा, करनाल इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन अध्यक्ष रघुबिंदर सिंह विर्क, सहोदया अध्यक्ष राजन लांबा, सुरजीत सूभरी, संजय पठानिया, डीके शर्मा, ललित सरदाना, राहुल सैनी, विक्रम चौधरी, संतोष नारंग, राज अरोड़ा, एसपी मेहता और आरएस नागपाल आदि मौजूद रहे।