इंद्री। फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर 30 हजार रुपये तक का जुर्माना लगेगा। कृषि विभाग इन-सीटू और एक्स-सीटू प्रबंधन करने वाले किसानों को 1200 रुपये प्रति एकड़ अनुदान भी दे रहा है। फसल अवशेष प्रबंधन के नोडल अधिकारी सचिन कांबोज ने बताया कि अवशेष जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है और भूमि की उर्वरा शक्ति घटती है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे आग न लगाकर आधुनिक यंत्रों का उपयोग करें। सुपर सीडर, हैप्पी सीडर और रोटावेटर जैसे यंत्र सभी गांवों में उपलब्ध हैं। संवाद