अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। जिला करनाल केमिस्ट एसोसिएशन की हड़ताल के ऐलान पर शुक्रवार को शहर में मेडिकल स्टोर बंद रहे। जिस कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्राइवेट अस्पताल में दवा लेने आए मरीजों को दवा के लिए धक्के खाने पड़े। इतना ही नहीं कुछ मरीज को घर से दवा लेने के लिए ही आए थे, लेकिन हड़ताल के कारण उन्हें दवा नहीं मिल पाई। ऐसा ही हाल मेडिकल कॉलेज के सामने देखने को मिला। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने मरीज की पर्ची पर जो दवा लिखी थी उनमें से कुछ दवा तो मेडिकल कॉलेज से ही उन्हें मिल गई लेकिन बाकि दवा के लिए वे मेडिकल स्टोर की ओर बढ़े लेकिन मेडिकल स्टोर के शटर बंद दिखाई दी। इससे अलग एसोसिशन के सभी पदाधिकारी महाबीर दल अस्पताल के सामने इकट्ठे हुए। प्रधान दिनेश अग्रवाल ने बताया कि ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट व हरियाणा स्टेट केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर जिले में 500 केमिस्टों ने दुकानें बंद रखी। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज व सिविल अस्पताल के सामने व कुंजपुरा रोड़ पर केेमिस्ट शॉप बंद रहीं। शहर के बाकि इलाकों में भी हड़ताल का असर देखने को मिला। एसोसिएशन के प्रधान दिनेश अग्रवाल व संजीव बजाज ने बताया कि ऑनलाइन दवा व्यापार न केवल हमारे व्यापार पर कुठाराघात है बल्कि जो लोग ऑनलाइन दवाइयां खरीदेंगे और बची दवाइयां हमारे केमिस्टों को वापस करने की कोशिश करेंगे। अग्रवाल ने बताया कि न तो ऑनलाइन मेडिसन की गुणवत्ता पर विश्वास किया जा सकता है और न ही दवाई भेजते हुए कोरियर द्वारा तापमान नियंत्रित कर सकते हैं। इससे दवाई की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा। इसलिए आम जनता की भलाई के लिए व अपने व्यापार को बचाने के लिए भारत के लगभग साढ़े आठ लाख केमिस्टों ने अपनी दुकानें बंद कर सरकार को चेताया है। हड़ताल में एलआर सरदाना, अभिषेक, रोबिन, बलवान, कृष्ण, अभिनव, सतीश, प्रदीप, राहुल, मेहदीरत्ता, अश्वनी, सुधांशु, संजय, नवीन चावला, जेपी व विकास गंभीर मौजूद रहे।