मॉक ड्रिल प्रशिक्षण को लेकर वित्तमंत्री ने अधिकारियों की ली बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
प्राकृतिक आपदा कभी भी, कहीं भी आ सकती है, यदि इससे निपटने की तैयारी पहले से ही हो तो इससे होने वाली जानमाल की क्षति को काफी हद तक बचाया जा सकता है। इसी के दृष्टिगत हरियाणा में राजस्व विभाग द्वारा पिछले काफी दिनों से तैयारियां की जा रही हैं, जिसके तहत सभी जिलों में मॉक ड्रिल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 21 दिसंबर को प्रदेशव्यापी विशाल मॉक ड्रिल होने जा रही है, जिसकी पूरे प्रदेश में एक ही समय पर एक्सरसाइज संपन्न कराई जाएंगी। मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्रदेश के वित्त एवं राजस्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने प्रस्तावित मॉक ड्रिल के बारे में बताया कि हरियाणा का एनसीआर क्षेत्र रिस्क जोन में आता है। भूकंप जैसी आपदा में किस प्रकार से कार्य करें, इसको लेकर 21 दिसंबर की मॉक ड्रिल काफी कुछ सिखाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मॉक ड्रिल की एक्सरसाइज में नागरिक सहभागिता भी होनी चाहिए, जो आदर्श रहेगा और इसके समापन पर सभी अधिकारी बैठकर इसका फॉलोअप भी करें। अच्छा रहेगा कि इसमें निजी तौर पर अपने-अपने एरिया के जन प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित कर लिया जाए। इससे पूर्व, वीडियो कांफ्रेंसिंग में उपस्थित हरियाणा के मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने बताया कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपदा के समय क्या कुछ करना जरूरी होता है, उसे अच्छी तरह समझना है। वीसी में हरियाणा की अतिरिक्त मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों के साथ 21 दिसंबर को की जानी वाली मॉक ड्रिल को लेकर तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त डॉ. आदित्य दहिया ने बताया कि करनाल एरिया में 6 अलग-अलग स्थानों पर मॉक ड्रिल को लेकर सभी जरूरी बंदोबस्त किए गए हैं।