अमर उजाला ब्यूरो
निसिंग।
अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से पुरानी अनाजमंडी में जिला प्रधान सुखचैन सिंह की अध्यक्षता में किसानों की बैठक आयोजित की गई। इसमें केंद्र व प्रदेश सरकार के तीन साल में जनता बेहाल विषय पर चर्चा की गई। सुखचैन सिंह ने कहा कि कर्ज की दलदल में फंसा देश का किसान आत्महत्याएं कर रहा है, लेकिन सरकार ने कर्जा मुक्ति की घोषणा के बावजूद भी मध्यप्रदेश में आंदोलनरत किसानों को पुलिस ने बर्बरता से दमन करते हुए सात किसानों को गोलियों से भून दिया। भाजपा सरकार ने इस घटना से साबित कर दिया है कि वह कितनी किसान हितैषी है। घोषणा कर किसानों को आजतक गेहूं की जली फसल का मुआवजा नहीं दिया गया। उन्होंने किसानों को बीते दिनों बारिश में खत्म हुई धान की फसल के मुआवजे की मांग, जरूरतमंद के लिए खाद्य सुरक्षा योजना, पात्रों को नए बीपीएल राशन कार्ड, बुढ़ापा पैंशन व किसान कर्ज मुक्ति सहित अन्य मांगों को लेकर 24 अगस्त को करनाल में प्रदर्शन का फैसला लिया गया। इस मौके पर खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष कामरेड जगमाल सिंह, किसान नेता विजय, राजपाल राणा, नरेश कुमार, लक्खा सिंह व नरेश कुमार मौजूद थे।