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11 राज्यों के 19 प्रतिभागियों को किया सम्मानित

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एनडीआरआई में 11 राज्यों के 19 प्रतिभागियों को किया सम्मानित
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान में ‘डेरी एवं खाद्य प्रक्रिया अभियांत्रिकी के उपकरण, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन’ पर 21 दिनों से चल रहा राष्ट्रीय ट्रेनिंग कार्यक्रम मंगलवार को संपन्न हुआ। ट्रेनिंग का उद्देश्य इस क्षेत्र से जुड़े लोगों (सहायक प्रोफेसर) को खाद्य उत्पादन के साथ-साथ उनका संवर्धन करने के तरीकों के बारे में जानकारी देना रहा। कार्यक्रम में संस्थान निदेशक डॉ. आरआरबी सिंह ने देश के 11 राज्यों के आए 19 प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया और ट्रेनिंग से संबंधित एक सीडी भी लॉन्च की। डॉ. सिंह ने कहा कि विकासशील देशों में 23 प्रतिशत खाद्यान अच्छे रखरखाव की कमी के कारण खाने लायक नहीं रहते, वहीं, दूसरी ओर पर्याप्त भोजन न मिलने के कारण विश्व के करीब एक अरब लोग कुपोषण का शिकार हैं। इसका मुख्य कारण फूड प्रोसेसिंग यूनिट और कोल्ड चेन की कमी है, क्योंकि इन दोनों उद्योगों में ऊर्जा की अधिक खपत होती है। अधिक ऊर्जा की खपत होने से ग्लोबल वार्मिंग का खतरा बढ़ रहा है। इसलिए हमें ऐसी तकनीकों का विकास करना होगा, जिससे ऊर्जा की खपत को कम किया जा सके। डॉ. आरआरबी सिंह ने कहा कि यह 21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम निश्चित रूप से इस क्षेत्र जुड़ी नई जन शक्ति तैयार करने में लाभकारी साबित होगा। डेयरी अभियांत्रिकी विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार ने भी ट्रेनिंग कार्यक्रम के बारे में संक्षेप में जानकारी दी। प्रशिक्षण शिविर में एडीजी (प्रसंस्करण) नई दिल्ली से डॉ. एसएन झा, आनंद कृषि विश्वविद्यालय से डॉ. सुनील पटेल, टेट्रापैक संस्थान गुरुग्राम से डॉ. लक्ष्मीकांत सहित एनडीआरआई के प्रख्यात वैज्ञानिकों के 30 व्याख्यान करवाए गए। इसके अलावा 15 प्रैक्टिकल और दो डेरी उद्योगों का भ्रमण भी करवाया गया। इस दौरान कोर्स डायरेक्टर डॉ. पी बर्णवाल, डॉ. पीएस मिन्ज, डॉ. चित्रनायक, डॉ. लता सबीखी, डॉ. शिल्पा विज, जेके डबास सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष और अन्य वैज्ञानिक मौजूद रहे।
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