गांव रामपुरा के पूर्व सरपंच और पूर्व ग्राम सचिव द्वारा पंचायत के लाखों रुपये के धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में विभाग ने उपायुक्त से दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने की स्वीकृति मांगी है। मिली जानकारी के अनुसार गांव रामपुरा में पूर्व सरपंच जसविन्द्र सिंह व सेवानिवृत्त ग्राम सचिव पर पंचायत के 19 लाख 11 हजार 624 रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है।
इन दोनों ने मिलकर पंचायत की उक्त राशि को नकली कागजात के दम पर हड़प लिया। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब नवनिर्वाचित सरपंच ने चार्ज लिया और कागजात की जांच कराई तो पता चला कि उपरोक्त राशि को न तो कैश इन हैंड दिखाया गया और न ही उसे बैंक में जमा कराया गया। बैंक के कागजात भी झूठे तैयार कर लिये गए। पंचायत के मौजूद सचिव की रिपोर्ट पर खंड विकास अधिकारी इन्द्री ने कड़ा संज्ञान लेते हुए तुरंत इस मामले में करनाल के उपायुक्त को पूर्व सरपंच व पूर्व ग्राम सचिव के खिलाफ केस दर्ज करने की स्वीकृति का निवेदन किया है।
ऐसे किया घोटाला
पूर्व सरपंच जसविन्द्र सिंह और सेवानिवृत्त ग्राम सचिव ने 2014 प्राप्त पटा राशि 19 लाख 11 हजार 622 रुपये को बैंक खाते में जमा नहीं करवाया। नकली बैंक पास बुक बनाकर पंचायत के रिकॉर्ड में दिखाई। वर्तमान ग्राम सचिव ने उक्त सूचना पर 14 मार्च 2016 को ओबीसी बैंक इंद्री एवं सेंट्रल बैंक भादसों से स्टेटमेंट निकलवाई तो उक्त राशि 2014 मई में बैंक में जमा नहीं की।
वर्जन
खंड विकास अधिकारी नरेंद्र ढुल ने बताया कि गांव रामपुरा में पूर्व सरपंच जसविन्द्र सिंह व सेवानिवृत्त ग्राम सचिव पर पंचायत के 19 लाख 11 हजार 624 रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। इस बारे में करनाल के उपायुक्त को पूर्व सरपंच व पूर्व ग्राम सचिव के खिलाफ केस दर्ज करने की स्वीकृति का निवेदन किया है। जैसे ही वहां से रिपोर्ट आएगी तो कार्रवाई की जाएगी।