हरियाणवी संस्कृति को संजोकर रखें युवा : सीटीएम
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
हरियाणवी संस्कृति हमें देश और विदेश में विशेष पहचान दिलाती है। इस पहचान को बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि आज का युवा संस्कृति को संजोकर रखें। यह विचार नगराधीश इशा कांबोज ने मंगलवार को स्थानीय खालसा कॉलेज में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर संबोधित करते हुए कहे। उन्होंने कहा कि कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा द्वारा हरियाणवी संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं को हरियाणवी संस्कृति से परिचित करवाने के दृष्टिगत खंड स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करवाना एक सराहनीय कदम है। निसंदेह इन कार्यक्रमों से युवा पीढ़ी में अपने देश व प्रदेश की लोक संस्कृति के प्रति जागृति आएंगी। उन्होंने कहा कि हरियाणवी सांग, रागिनी, हरियाणवी वेशभूषा और खानपान से युवा वर्ग को परिचित करवाना बेहद आवश्यक है। इन आयोजनों से न केवल शहरों में रहने वाला युवा वर्ग संस्कृति से परिचित होगा बल्कि संस्कृति से जुड़कर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर हरियाणवी संस्कृति को बढ़ावा देने में सहायक भी सिद्ध होगा। इस अवसर पर कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा की सांस्कृतिक अधिकारी संगीत डॉ. दीपिका ने कहा कि हरियाणवी संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की एसीएस धीरा खंडेलवाल के दिशा-निर्देशानुसार और विभाग के निदेशक समीरपाल सरों के मार्गदर्शन में खंड स्तर पर कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं। इस मौके पर कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र पाल, सांस्कृतिक कार्यक्रम अधिकारी नृत्य सुमन, सारंगी वादक राजेश कुमार तथा कॉलेज स्टाफ उपस्थित रहा।