अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। दमकल विभाग कर्मचारी कई दिनों से हड़ताल पर चल रहे हैं। इसका खामियाजा नीलोखेड़ी निवासी को उठाना पड़ा। नीलोखेड़ी का परिवार कार में सवार होकर सफीदो जा रहा था। एनडीआरआई के समीप पहुंचते ही उसकी कार में अचानक आग लग गई। अफतफरी में उसने अपनी पत्नी नवदीप कौर, बेटे जसप्रीत व आठ महीने के बेटे जसनूर को निकाला और फायर दमकल विभाग व पुलिस को फोन किया। आधे घंटे बाद दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची तब तक आग ने कार को अपनी चपेट में ले लिया। यदि पांच व दस मिनट में दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंच जाती को शायद कार कुछ हद तक जलने से बच जाती, लेकिन दमकल गाड़ी पहुंचने के बाद भी गाड़ी का कर्मचारियों पर वाटर का पंप ही नहीं चला। जब मौके पर मौजूद लोग फायरकर्मी पर गुस्सा करने लगे तो उसे बताया कि उसके कर्मचारी हड़ताल पर है वह होमगार्ड के जवानों से काम चला रहा है। इस दौरान आधा घंटा ओर खराब हो गया और फायर कर्मी ने दूसरी दमकल गाड़ी बुलाई। करीब एक घंटा बीतने पर आग ने पुरी तरह कार को अपनी चपेट में ले लिया। फिर दूसरी दमकल गाड़ी ने आग पर काबू पाया। कार में आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं लग पाया है। नीलोखेड़ी निवासी गुरप्रीत ने बताया कि दमकल विभाग की गाड़ी ही काफी देर में पहुंची और आने के बाद भी वह चली नहीं। यही कारण रहा उसकी कार पूरी तरह जल गई। यदि समय पर दमकल गाड़ी पहुंच जाती तो उसकी कार पूरी नहीं जलती।