सरपंच जान बचाने को चौकी में घुसा, पुलिस ने धारा 307 ही नहीं लगाई
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
जीटी रोड पर ऊंचा समाना गांव के सरपंच को अगवा और हमले की कोशिश के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किए चारों आरोपियों को अदालत में पेश किया। अदालत ने चारों आरोपियों को जेल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं, सरपंच ने सेक्टर 4 पुलिस पर आरोप लगाया है कि आरोपियों पर पुलिस ने 307 धारा नहीं लगाई, जबकि आरोपी उसे मारने की नियत से पीछा कर रहे थे। बता दें कि बुधवार रात को सरपंच निशांत राणा गांव से करनाल की तरफ आ रहा था। इसी दौरान कार में सवार गांव के ही छह युवकों ने उसका पीछा शुरू किया। आरोप है कि अनाज मंडी चौक के पास आरोपियों ने उसकी गाड़ी को टक्कर भी मारी, इस पर जान बचाकर सरपंच हाइवे थाने पहुंचा तो वहां पर गेट बंद मिला। इस पर सरपंच सेक्टर 13 चौकी पहुंचा और अपनी जान बचाई। इस पर सेक्टर 4 चौकी पुलिस ने सरपंच की शिकायत के आधार पर छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था और गुरुवार को चार आरोपियों पंकज, विकास, सुमित और अजय को गिरफ्तार किया और शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपियों को जेल भेज दिया। इस मामले में सेक्टर-4 चौकी प्रभारी जसविंद्र का कहना है कि सरपंच ने जो शिकायत दी थी उसी आधार पर धारा लगाई गई है और आरोपी अजय, पंकज, विकास व सुमित को अनाज मंडी से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जसविंद्र ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि सरपंच उन्हें गांव में शराब पीने से रोकता था, जिस कारण वे सरपंच को सबक सिखाने के लिए पीटना चाहते थे। उधर, सरपंच का कहना है कि पुलिस जानबूझ कर इस मामले को रंजिश बता रही है।