‘जो विष्णु का नाम लेता है, वह उनके पाप हर लेते हैं’
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
अंतर्राष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ के तत्वाधान में इस्कॉन प्रचार समिति द्वारा आयोजित 15वीं भागवत कथा में दूसरे दिन कथा व्यास साक्षी गोपाल दास महाराज ने प्रवचन करते हुए कहा कि सतोगुण से देवता की वृद्धि होती है, तमोगुण से भूत पिशाच की वृद्धि होती है, रजोगुण से आसुरी वृद्धि होती है। भगवान की इच्छा मात्र ही काल है। उन्होंने कहा कि भगवान ने अपने आनंद के लिए ही संसार बनाया है और वह सभी के लिए सम और प्रिय हैं। महाराज ने कहा कि मनुष्य को सोचना चाहिए कि संसार मेरा घर नहीं है। भागवत धाम ही मेरा घर है, इसलिए प्रभु की भक्ति करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो विष्णु का नाम लेता है, वह उसके पापों को हर लेते हैं और भगवान कहते हैं कि मेरे भक्त अपने समय को मेरी सेवा और चिंतन में व्यतीत करते हैं। उनका मैं उद्धार करता हूं। कथा के पश्चात महाराज ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। सामूहिक रूप से आरती की गई और उसके बाद भंडारे का आयोजन किया गया। महाराज ने सप्तम स्कंध और अष्टम स्कंध का विस्तार से वर्णन किया। इस अवसर पर सत्यपति दास, भक्तिदास, आदि विराह दास, सतपाल गुप्ता, चंद्रमोहन जुनेजा, भारत मुंजाल, सुभाष गुरेजा, शाम लाल सैनी, वाईएम मेहरा, नरेंद्र कुमार मौजूद रहे।