दो तस्करों को 10-10 साल की सजा, एक-एक लाख जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
चूरापोस्त का तस्करी करने वाले दो तस्करों को एडिशनल जिला सेशन जज नरेंद्र पाल ने 10-10 साल की सजा और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं इनके साथ ही पकड़े गए दो अन्य आरोपियों को आरोप साबित न होने के कारण बरी कर दिया गया। सजा पाने वाले दोनों तस्करों संगरूर जिले के रफ्फूखेड़ा के रहने वाले लखविंद्र पुत्र नरिंद्र और असंध के जलमाना गांव के नामर सिंह पुत्र कपूर को असंध पुलिस ने 22 मार्च 2014 में 195 किलो चूरापोस्त के साथ पकड़ा था। पुलिस को सूचना मिली थी कि यह दोनों कैथल निवासी जसवंत और अमरेश को चूरापोस्त देने जा रहे हैं। जिसकेेे बाद पुलिस ने नाका लगाकर वाहनों की जांच शुरू की, उसी दौरान दोनों कार से आते दिखे, पुलिस ने आरोपियों के वाहन को रोक कर जब जांच की तो कार की पिछली सीट पर पांच बोरियों में भरकर रखा गया 195 किलो चूरापोस्त मिला। इसके बाद पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर जसवंत और अमरेश को भी गिरफ्तार कर लिया था। जसवंत और अमरेश के वकील हरीश आर्य और संजीव खोखर ने बताया कि कोर्ट में सुनवाई के दौरान लखविंद्र और नामर सिंह का आरोप साबित हो गया, जिसके कारण दोनों को 10-10 साल की सजा और एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, लेकिन जसवंत और अमरेश पर लगा आरोप साबित नहीं हो पाया, जिसके कारण दोनों को बरी कर दिया गया।