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सरकार की कार्रवाई से डरे हुए हैं रोडवेज कर्मचारी, रोडवेज नेताओं को फोन कर धरने पर बुलाने पड़े कर्मचारी

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। 2016 में लगे 37 चालकों की सेवा समाप्ति पर हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी ने करनाल बस स्टैंड पर दो घंटे धरना देकर रोष प्रकट किया लेकिन रोडवेज कर्मचारी भाजपा सरकारी की कार्रवाई से इतना डरे हुए हैं कि तालमेट कमेटी के पदाधिकारियों को फोन कर अन्य कर्मचारी धरने पर बुलाना पड़े। इतना ही नहीं धरने पर कर्मचारियों की संख्या कम होने पर कमेटी के एक पदाधिकारी ने वहां खड़े युवाओं को धरना स्थल पर बैठने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने मना किया तो उसे नेता ने कहा कि जब रोडवेज ही नहीं रहेगा तो तुम्हें नौकरियां कहां से मिलेंगी, इतना सुनते ही सभी हंसने लगे। राज्य वरिष्ठ उपप्रधान सुरेश कुमार लाठर ने बताया कि फरीदाबाद डिपो महाप्रबंधक ने वर्ष 2016 में लगे 37 चालकों की सेवा समाप्ति का पत्र जारी करके सरकार हितैषी होने का कार्ड खेला है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। तालमेल कमेटी इसके लिए बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने से भी पीछे नहीं हटेगी। लाठर ने कहा कि तालमेल कमेटी ने इस फैसले पर तुरंत संज्ञान लेते सुबह 10 से 12 बजे तक सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया है। पांच दिसंबर को रोहतक में तालमेल कमेटी की बैठक बुलाई है जिसमें एक बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इस दौरान बस स्टैंड पर रोडवेज बसे सुचारू रूप से चलती रही। सुरेश लाठर ने कहा कि धरने के दौरान अन्य कर्मचारी ड्यूटी दे रहे थे इस लिए फोन कर उन्हें दस मिनट के लिए बुलाया जा रहा था। वे सरकार से डरे नहीं है।
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