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अब आनलाइन वतिरण में भी गड़बड़ी, राशन मिल रहा कम, मैसेज पूरे का आ रहा

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अब आनलाइन वितरण में भी गड़बड़ी, राशन मिल रहा कम, मैसेज पूरे का आ रहा
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अमर उजाला ब्यूरो
इंद्री। राशन वितरण में होने वाली धांधली को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा शुरू किया गया ऑनलाइन वितरण प्रणाली में भी धांधली की सुगबुगाहट होने लगी है। शहर के वार्ड नंबर-8 में डिपो होल्डर द्वारा उपभोक्ताओं को कम राशन दिए जाने का मामला सामने आया है, जबकि उनके मोबाइल पर संदेश ज्यादा राशन का आ रहा है। इससे उपभोक्ता परेशान हैं और विभाग इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। महिलाओं का कहना है कि उनके परिवार को जितना अनाज मिलता है, उतने ही अनाज मिलने का संदेश मोबाइल फोन पर आना चाहिए। क्यों उन्हें कम राशन दिया जा रहा है? वार्ड-आठ की कई महिलाओं ने कहा कि पिछले दिनों उन्हें डिपो होल्डर द्वारा राशन वितरित किया गया था, लेकिन इस बार उनको 10-15 किलोग्राम गेहूं कम दिया गया, जबकि उनके मोबाइल नंबर पर मैसेज पूरा राशन मिलने का आ रहा है। डिपो होल्डर ने एक सप्ताह में घटा हुआ राशन देने की बात कही थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद शेष अनाज नहीं दिया गया। अब दाल भी कम मिल रही है, महिला सरजीतो का कहना है 15 किलोग्राम का संदेश हमारे फोन पर आया हुआ है, लेकिन 10 किलोग्राम गेहूं ही हमारे को मिली है। जब इसके बारे में डिपो होल्डर से बात कि तो उसने एक सप्ताह में बकाया गेहूं दे दी जाएगी, लेकिन अभी तक नही दी गई। उनका कहना है कि मोबाइल पर जितना संदेश आता है, उतनी गेहूं मिलनी चाहिए। महिला राजदूल्हारी ने बताया कि उनको 25 किलोग्राम गेहूं दी जाती थी, लेकिन अब की बार 15 किलोग्राम गेहूं मिली जब इसके बारे में डिपो होल्डर ने गेहूं देने का वायदा किया, लेकिन वादे का समय भी निकल गया, गेहूं नहीं मिली। महिला अमरजीत ने कहा कि उनके परिवार को 20 किलोग्राम गेंहू मिली है, जबकि मोबाइल फोन पर 35 किलोग्राम अनाज मिलने का संदेश आया है। उनका कहना है कि जितना का संदेश मोबाईल पर आया है उतनी गेहूं हमारे को मिलनी चाहिए। विभाग के अधिकारी जीवन सिंह का कहना है कि पहले आओ पहले पाओ के सरकार के निर्देश हैं। उस डिपोहोल्डर के पास 82 क्विंटल अनाज कम जा रहा है। डिपो होल्डर को बुलाकर इस बारे में बात की जाएगी। उससे पूछेंगे कि जिन्हें अनाज दिया गया है, उनको पूरा अनाज देना चाहिए थे जो लोग रह जाते, उनको बाद में अनाज दिया सकता था।
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