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नहीं रुक रहा ट्रैक्टर-ट्रालियों में ओवरलोड

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नहीं रुक रहा ट्रैक्टर-ट्रालियों में ओवरलोड
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घरौंडा। शहर व आस पास के क्षेत्रों में ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रालियों का आवागमन धड़ल्ले से जारी है। शहर व आस-पास के क्षेत्र में मौत बनकर घुम रही रेत से ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रालियां को लेकर प्रशासन की ढिलाई, इनके हौसलों को ओर भी ज्यादा बढ़ा रही है। इन ओवरलोड ट्रालियों के कारण कई बड़े हादसे हो चुके है लेकिन उसके बाद भी प्रशासन कोई सख्त कदम नही उठा रहा है। रेत की खानों से ट्रैक्टर-ट्रालियां रेत भरकर घराैंडा के रास्ते आस-पास के क्षेत्रों में जाती है। इन ट्रालियों में क्षमता से तीन गुणा रेत भरा होता है जिसे ट्रैक्टर को ट्राली खींचने में भी भारी मशक्कत करनी पड़ती है। इससे ट्रैक्टर आगे से उठ भी जाता है। ट्रैक्टर और ट्रालियां में वजन के कारण टायरों पर इतना ज्यादा दबाव होता है कि कब कौन-सा टायर फट जाए, इसका कोई अनुमान नहीं। ओवरलोड ट्रैक्टर-टालियों ने सड़क हादसों में कई लोगों की जान को लीला है, लेकिन उसके बावजूद भी प्रशासन इन ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रालियों पर लगाम नही लगा पा रहा है। बड़े हादसों के बाद कुछ दिन तो प्रशासन का डंडा इन ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रालियों पर चलता है लेकिन कुछ दिन बाद फिर बात पुराने ढर्रे पर पहुंच जाती है और ओवरलोडिंग का यह कार्य शुरू हो जाता है। शहरवासी पवन कुमार, राजेंद्र सिंह, संदीप कुमार, राजेश कुमार आदि का कहना है कि इन ओवर लोड ट्रालियों के कारण ट्रैक्टर आगे से उठ जाते है और धड़ाम से नीचे आते है, इस दौरान कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों का कहना है कि जब कभी प्रशासन इन ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अभियान चलाता है तो एक या दो दिन तो असर दिखाई देता है, लेकिन फिर ट्रालियों का आवागमन शुरू हो जाता है। शहरवासियों ने प्रशासन से ओवरलोड वाहनों के शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की है।
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