संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। इमिग्रेशन एजुकेशन कंसलटेंट के मालिक से पासपोर्ट लेकर नकली वीजा थमाकर 11 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने कंसलटेंट के मालिक की शिकायत पर दिल्ली निवासी तीन आरोपियों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आशीष कुमार अर्बन एस्टेट करनाल निवासी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका मुगल कनाल में इमिग्रेशन एजुकेशन कंसलटेंट का ऑफिस है। जिसमें वह वीजा कंसलटेंसी का काम करता है। 21 मई को उसकी मुलाकात दिल्ली निवासी गुरदीप सिंह, संदीप सिंह व अमरजीत सिंह से उसके ऑफिस में हुई। उन्होंने उससे कहा कि वे टूरिस्ट वीजा लगवाते हैं और उससे रिसीविंग के साथ नौ पासपोर्ट लेकर एक लाख रुपये लेकर गए और वीजा लगने के बाद 10 लाख और देने की बात कही।
जब वीजा लगे तो उन्होंने 18 जुलाई को उससे बकाया 10 लाख रुपये भी ले लिए। पेमेंट होने के बाद उसे वीजा पर शक हुआ तो एमबेसी पर वेरिफाई किया जहां दोनों वीजा नकली मिले। वहीं अन्य दो वीजा की फोटो उन्होंने भेजी तो वह भी नकली मिले। आरोपियों ने उससे लिए नौ में से दो पासपोर्ट वापस आए हैं। अन्य सात पासपोर्ट आरोपियों के पास ही हैं। अब तीनों आरोपी इनके लिए और 11 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। वहीं एक अन्य मामले में यूपीआई के माध्यम से एक व्यक्ति के खाते से 75 हजार रुपये निकालने का मामला सामना आया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।