मूनक। बाल राजपूताना गांव में पराली के अवशेषों को स्टेडियम में इकट्ठा किया गया था। जिसमें बिजली की तारों के कारण आग लग गई। जिससे 10 हजार गांठें जलकर राख हो गईं। सूचना पर पहुंची पांच फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने आग पर काबू किया। तहसीलदार विचित्र आनंद ने बताया कि एजीएस सरडा की कंपनी ने यहां पर पराली के अवशेषों को इकट्ठा किया था। बाद में इसे सरडा में ले जाना था। चौकीदार ने बताया कि बिजली के तारों से निकली चिंगारी के कारण इसमें आग लग गई। कंपनी के सुपरवाइजर महेंद्र ने बताया कि पराली जलने से कंपनी को काफी नुकसान हो गया। उन्होंने बताया कि 375 प्रति क्विंटल के हिसाब से इसकी कीमत होती है। एक गांठ में लगभग पांच से छह क्विंटल वजन होता है। जिस साइड आग लगी उसमें 10 हजार गांठें थीं। संवाद