कैथल। हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने श्री रामनवमी के अवसर पर रविवार शाम चिल्ड्रेन पार्क के समीप दक्षिणी हनुमान मंदिर में स्थापित 51 फुट प्रतिमा का अनावरण किया। साथ ही मंदिर में पहुंच कर विशेष पूजा अर्चना की। इसके बाद कहा कि वर्तमान परिवेश में प्रदेश व देश को भक्ति के साथ-साथ शक्ति की भी जरूरत है। प्रदेश वासियों को विशेषकर युवाओं को हनुमान जी से देश व समाज की सेवा करने की प्रेरणा लेनी चाहिए। रामनवमी का पवित्र पर्व है और एक सप्ताह बाद 16 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव है। राज्यपाल ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव की शृंखला में भारतीय संस्कृति को और समृद्धता प्रदान करने के लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की ओर से सांस्कृतिक समारोह अनुदान योजना, टैगोर राष्ट्रीय फेलोशिप योजना, सांस्कृतिक विरासत नेतृत्व कार्यक्रम, अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए योजना, इंटरनेशनल कल्चरल रिलेशन को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं शुरू की गई हैं। श्रीकृष्णा सर्किट भी विकसित किया जा रहा है। कैथल में वृद्ध केदार तीर्थ के किनारे बने इस अति प्राचीन दक्षिणमुखी श्री हनुमान जी के मंदिर का महाभारत काल से विशेष नाता रहा है। उन्होंने कपिस्थल धर्मस्थान एवं वृद्ध केदार तीर्थ सुधार सभा को साधुवाद देते हुए कहा कि सभा द्वारा कोरोना काल में जिस प्रकार जरूरतमंदों की सेवा की गई है वह अपने आप में महान कार्य है। महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि कैथल को कपिस्थल के नाम से भी जाना जाता है। विधायक लीला राम ने कहा कि 48 कोस की परिधि में पड़ने वाले कैथल के कई गांवों में पौराणिक तीर्थ है, जोकि हमारी अध्यात्मिक और पौराणिक संस्कृति के परिचायक हैं। महाभारत का युद्ध इसी क्षेत्र में लड़ा गया है और मान्यता है कि जहां पर हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित की गई है। इसी स्थान पर अर्जुन का रथ रुका था और हनुमान जी उस रथ के ऊपर कपिध्वज के रूप में विराजमान थे। कार्यक्रम को हेफेड के चेयरमैन कैलाश भगत, केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन, समिति के प्रधान सुरेश बिंदलिश ने भी संबोधित किया। सभा के पदाधिकारियों द्वारा महामहिम राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, राज्यमंत्री कमलेश ढांडा, विधायक लीला राम, चेयरमैन कैलाश भगत, मानद सचिव मदन मोहन, डीसी प्रदीप दहिया, एसपी मकसूद अहमद को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में राज्यमंत्री कमलेश ढांडा, विधायक लीला राम, चेयरमैन कैलाश भगत, मानद सचिव मदन मोहन, डीसीत प्रदीप दहिया, एसपी मकसूद अहमद, महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय के वीसी रमेश चंद्र भारद्वाज, केडीबी सदस्य गोपाल सैनी, सुरेश बिंदलिश, टेक चंद, सोनू मचल, राजेंद्र ढुल, गौरव गुप्ता, राजेंद्र गुलाटी, ज्योति सैनी, संजय भारद्वाज, नरेश मित्तल, पाला राम सैनी, प्रवीण सरदाना, रामकुमार नैन, प्रेम जैन, अनिता चौधरी, रजत थरेजा, मुकेश जैन सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।