जिला पुस्तकालय में मासिक गोष्ठी के दौरान वक्ता। विज्ञप्ति
कैथल। पंचनद शोध संस्थान की तरफ से विवेकानंद जिला पुस्तकालय में मासिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का विषय युवा आंदोलन : आकांक्षा बनाम एजेंडा पर मुख्य प्रस्तोता के रूप में डॉ. महेश कुमार, सहायक प्राध्यापक, होटल एवं प्रबंधन विभाग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र ने अपने विचार रखे। उन्होंने युवाओं की आकांक्षाओं, सामाजिक आंदोलनों और उनमें राजनीतिक हस्तक्षेप के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार रखे। डॉ. महेश कुमार ने अपने वक्तव्य की शुरुआत भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, चंद्रशेखर आजाद और बटुकेश्वर दत्त जैसे युवा क्रांतिकारियों के उल्लेख से की। उन्होंने कहा कि उस दौर के युवाओं की आकांक्षाएं देश की स्वतंत्रता, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक परिवर्तन से जुड़ी थीं। आज के समय में युवाओं की आकांक्षाओं का स्वरूप बदला है। रोजगार के बेहतर अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सार्वजनिक जीवन में भागीदारी, पारदर्शिता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सम्मानजनक जीवन आज के युवा की प्रमुख अपेक्षाओं में शामिल हैं।
डॉ. महेश कुमार ने कहा कि आकांक्षा और राजनीतिक एजेंडे के बीच की परत बहुत महीन होती है। आंदोलन सत्ता से जवाब मांगते हुए शुरू होता है लेकिन कब वह सत्ता परिवर्तन अथवा राजनीतिक संघर्ष का माध्यम बन जाता है, इसे समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आंदोलनों का समाधान संवाद, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव है। सत्ता और युवाओं के बीच निरंतर संवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करता है। गोष्ठी में पंचनद शोध संस्थान के अध्यक्ष डॉ. अशोक अत्री, डॉ. गोविंद बल्लभ, डॉ. रविंद्र जांगड़ा, श्री कमल गर्ग और प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार भांभू उपस्थित रहे।
जिला पुस्तकालय में मासिक गोष्ठी के दौरान वक्ता। विज्ञप्ति