आईटीआई में दो वर्षीय डिप्लोमा के साथ-साथ हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से 12 वीं का प्रमाण पत्र दिए जाने के चलते अब युवा व युवतियों का रुझान स्कूल और कालेज की बजाय आईटीआई की ओर हो रहा है। इनमें युवाओं का रुझान आईटीआई की इंजीनियरिंग तथा युवतियों का रुझान नॉन इंजीनियरिंग कोर्सों की ओर है।
राजकीय आईटीआई कैथल और महिला कैथल में बनाए गए हेल्प डेस्क में कोरोना से बचाव करते हुए युवा तथा युवतियों के निशुल्क फार्म भरे जा रहे हैं। आवेदन 22 सितंबर तक भरे जा सकेंगे। कैथल के आईटीआई में जहां अब तक 1220 आवेदन आए हैं वहीं महिला आईटीआई में करीब 300 आवेदन आए हैं।
आइटीआई में आवेदन करने वाले युवक और युवतियों को अब आनलाइन आवेदन के लिए डोमिसाइल की अनिवार्यता में छूट दी गई है। आवेदन करने वाले विद्यार्थी दाखिला लेते समय भी इन प्रमाण पत्रों को अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। युवाओं का रुझान इंजीनियरिंग कोर्स इलैक्ट्रशियन, वायरमैन, कोपा, फिटर, वेल्डर व एमएमवी की ओर है । वहीं युवतियां नान इंजीनियरिंग कोर्स कोपा, स्टेनो, डीएमसी, ड्रेस मेकिंग और सीविंग टेक्नॉलाजी व्यवसाय को प्राथमिकता दे रहीं हैं। दो वर्ष पूर्व कौशल विकास एवं ओद्योगिक प्रशिक्षण विभाग तथा हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के बीच हुए अनुबंध के अनुसार 10वीं के बाद किसी भी आईटीआई से दो वर्षीय कोर्स पास करने वाला विद्यार्थी 12वीं की हिंदी या अंग्रेजी किसी भी एक विषय की परीक्षा पास करने पर उसे बोर्ड की ओर से 12वीं का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। रेलवे द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन में अधिकतर भर्तियों के लिए आईटीआई का डिप्लोमा अनिवार्य कर दिया है। विद्यार्थियों को विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्त करते हुए काम सीखाने के साथ-साथ करीब 7000 रुपये प्रतिमाह छात्रवृति भी दी जाती है।
राजकीय आईटीआई कैथल के प्राचार्य सतीश मच्छाल ने बताया कि आईटीआई कोर्स के साथ-साथ युवा व युवतियां 12वीं भी कर सकती हैं। आईटीआई में दाखिले के पूर्ण प्रबंध किए गए हैं। युवक और युवतियां 22 सितंबर तक आनलाइन या आईटीआई में आकर आवेदन कर सकते हैं। दाखिले के लिए छात्राएं निशुल्क ही आवेदन कर सकती हैं, इसके लिए किसी भी प्रकार की फीस नहीं रखी गई है।