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Kaithal News: युवा मुक्केबाज अंकुश बने युवाओं की प्रेरणा

Mon, 09 Feb 2026 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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अपनी टीम के साथ अंकुश चहल पदक जीतने की खुशी मनाते हुए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाने वाले युवा मुक्केबाज अंकुश चहल आज जिले के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। आरकेएसडी कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष के छात्र अंकुश ने हाल ही में आयोजित सीनियर स्टेट बॉक्सिंग प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि सीमित संसाधनों के बावजूद मजबूत इरादों और कड़ी मेहनत से उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

अंकुश इससे पहले इंटर कॉलेज प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं और दो बार नेशनल लेवल पर हरियाणा का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व की बात है।
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मूल रूप से गांव भानी माजरा, कैथल निवासी अंकुश के पिता का नाम जयपाल है। सादगी भरे पारिवारिक माहौल में पले-बढ़े अंकुश वर्तमान में आरकेएसडी कॉलेज, कैथल में पढ़ाई कर रहे हैं और साथ ही बॉक्सिंग को भविष्य मानकर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने महज 15 वर्ष की उम्र में बॉक्सिंग की शुरुआत की थी। शुरुआती दिनों में संसाधनों की कमी जरूर रही, लेकिन उनके हौसले और जज्बे में कभी कमी नहीं आई।

आज 20 वर्षीय अंकुश रोजाना दो सत्रों में अभ्यास करते हैं। वह सुबह पांच बजे आरकेएसडी कॉलेज के ग्राउंड में अभ्यास के लिए पहुंच जाते हैं और करीब आठ बजे घर लौटते हैं। इसके बाद शाम को चार बजे से सात बजे तक दोबारा अभ्यास करते हैं। खास बात यह है कि वह रोजाना साइकिल से अभ्यास स्थल तक आते-जाते हैं, जिससे उनकी फिटनेस के साथ-साथ अनुशासन भी बना रहता है।

अंकुश का कहना है कि उनके लिए बॉक्सिंग केवल एक खेल नहीं, बल्कि अनुशासित जीवन जीने का जरिया है। नियमित अभ्यास, संतुलित आहार और आत्मविश्वास ही उनकी सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने बताया कि पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन सही समय प्रबंधन से दोनों में सफलता हासिल की जा सकती है। वे पढ़ाई में भी अच्छे हैं और खेल के साथ-साथ शिक्षा को भी बराबर महत्व देते हैं।

आरकेएसडी इंडोर स्टेडियम में कोच गुरमीत, विक्रम और राजेंद्र उनके प्रशिक्षण में अहम भूमिका निभा रहे हैं। कोच गुरमीत का कहना है कि अंकुश बेहद अनुशासित खिलाड़ी हैं और हर दिन समय पर अभ्यास के लिए पहुंचते हैं।
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गांव भानी माजरा और कॉलेज परिसर में अंकुश की इस सफलता पर खुशी का माहौल है। अंकुश का सपना है कि वह आने वाले समय में नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर पदक जीतकर देश और कैथल जिले का नाम रोशन करें।


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इंटर कॉलेज बॉक्सिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक

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दो बार नेशनल लेवल प्रतियोगिताओं में हरियाणा का प्रतिनिधित्व

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सीनियर स्टेट बॉक्सिंग प्रतियोगिता में कांस्य पदक

अपनी टीम के साथ अंकुश चहल पदक जीतने की खुशी मनाते हुए।

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