संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। पतंजलि योग समिति के तत्वावधान में भवानी मंदिर, चीका के प्रांगण में नि:शुल्क तीन दिवसीय योग शिविर का आयोजन किया गया। इसमें योग साधकों ने योग प्रोटोकॉल के अंतर्गत विभिन्न आसनों और प्राणायामों का अभ्यास करवाया।
इस अवसर पर पतंजलि योग समिति के मीडिया तहसील प्रभारी गुरमीत सीड़ा ने कहा कि “एक पृथ्वी, एक योग” के संकल्प के साथ योग धर्म को युग धर्म बनाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने शरीर के लिए कम से कम 90 मिनट प्रतिदिन योग को देना चाहिए, जिससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बना रहे।
गुरमीत सीड़ा ने यह भी कहा कि आज पूरी दुनिया योग का महत्व समझ रही है और इसका लाभ ले रही है। कार्यक्रम में युवा तहसील प्रभारी महावीर प्रजापति, मुख्य योग शिक्षक रवींद्र उर्फ पाली तथा वरिष्ठ योग शिक्षक ईश्वर सिंगला ने उपस्थित साधकों को ताड़ासन, वृक्षासन, उष्ट्रासन, नाड़ी शोधन, भ्रामरी आदि प्रोटोकॉल योग का अभ्यास करवाया।
योग शिक्षकों ने बताया कि आज हजारों लोग योग के माध्यम से कई साध्य और असाध्य रोगों पर नियंत्रण पा चुके हैं। प्रदेश के हर जिले, तहसील और गांवों में पूज्य योग ऋषि स्वामी रामदेव द्वारा निर्देशित नियमित योग कक्षाओं के माध्यम से लाखों लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एक सच्चा योगी केवल स्वयं के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र के लिए कल्याणकारी होता है। योग अनुशासन, स्वास्थ्य और संस्कार का संगम है, जो व्यक्ति को आत्मबल प्रदान करता है। इस अवसर पर समिति के प्रधान कुलदीप माजरा, आदर्श नाटक क्लब के प्रधान बलबीर सैनी, जयभगवान प्रजापति, हरपाल आदि उपस्थित रहे।
भारत विकास परिषद के सदस्यों ने किया योगाभ्यास
गुहला-चीका। आगामी 21 जून को मनाए जाने वाले 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत भारत विकास परिषद, शाखा चीका ने दो दिवसीय योग शिविर की शुरुआत की। पहले दिन बुधवार को शिविर का शुभारंभ शाखा अध्यक्ष प्रेम सिंह पुनिया व डॉ. अशोक ने दीप प्रज्वलित कर एवं गायत्री मंत्र के साथ किया। शिविर में भारतीय योग संस्थान के जिला प्रधान डॉ. विनोद कुमार गुप्ता ने अंतरराष्ट्रीय योग प्रोटोकॉल के अनुसार प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास करवाया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का माध्यम ही नहीं, बल्कि आत्मिक विकास की दिशा में भी एक प्रभावी मार्ग है। यह शिविर भारतीय योग संस्थान, चीका के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 50 सदस्यों ने भाग लिया। संवाद