संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत/कैथल। हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड के 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणामों में कलायत उपमंडल के गांव मटौर के योगेश ने कमाल करते हुए प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। शहीद भगत सिंह वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के छात्र योगेश ने 500 में से 496 अंक हासिल किए हैं।
उनकी इस सफलता पर स्कूल में भव्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ। प्रबंधन ने योगेश के सम्मान में विशेष पार्टी रखी थी। इस मौके पर छात्र-छात्राओं व अध्यापकों ने जमकर गुलाल उड़ाया और ढोल की थाप पर नाचे।
स्कूल के प्रबंधक बलजीत सिंह ने योगेश को सफलता के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने बताया कि पिछले साल के 10वीं के परीक्षा परिणामों में उनके स्कूल की छात्रा तान्या ने 496 अंक हासिल कर प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया था। समारोह में कुलदीप मौण, मनोज मौण, राममेहर, वृषभान सहारण, बलराम मौण, विक्रम ढुल सहित पूरा स्टाफ मौजूद रहा।
पढ़ाई के साथ योगेश हर विधा में है अव्वल ः प्रधानाचार्य रामबिलास शर्मा ने कहा कि योगेश केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी अव्वल है। छात्र में सबसे बड़ी खूबी है कि वह कक्षा में अपने अध्यापकों से जमकर प्रश्न कर अपनी हर जिज्ञासा को शांत करता है।
हर शंका के समाधान तक जाता है योगेश
योगेश हर विषय को पूरी तरह से समझने के लिए तह तक जाता है। यदि किसी विषय पर शंका है तो उसके निराकरण हासिल करना उसकी प्रकृति में शामिल है। इसी
लिए योगेश ने हर विषय में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। -प्रियंका, योगेश की मां
संंकल्प के सामने कुछ भी नहीं मुश्किल
छात्र योगेश का कहना है कि यदि किसी कार्य का मन में संकल्प ले लिया जाए तो कोई भी कार्य नामुमकिन नहीं है। उन्होंने संकल्प लिया था कि सभी विषयों में शत प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल करेंगे, पर गणित, संस्कृत और विज्ञान में ही शत प्रतिशत अंक हासिल कर सके। हिंदी, अंग्रेजी व सामाजिक में वे अपने लक्ष्य से पिछड़ गए। योगेश बोले, वह मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते हैं और एक चिकित्सक बनकर मानवता की सेवा करना लक्ष्य है। योगेश का कहना है रट्टा लगाने से नहीं बल्कि विषय वस्तु की तह तक जाने पर ही मंजिल मिलती है।
राइस मिल में अकाउंटेंट हैं पिता, मां हैं गृहिणी
योगेश की मां प्रियंका देवी गृहिणी हैं और पिता मेहर सिंह एक राइस मिल में अकाउंटेंट के रूप में कार्यरत हैं। प्रियंका देवी ने कहा कि योगेश की इस सफलता का श्रेय स्कूल के अध्यापकों और उसकी स्वयं की मेहनत को जाता है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं केवल साधारण शिक्षा प्राप्त हैं, लेकिन योगेश ने अपनी लगन और अध्यापकों के मार्गदर्शन से यह उपलब्धि हासिल की है। पिता मेहर सिंह ने कहा कि माता-पिता केवल सुविधाएं उपलब्ध करा सकते हैं। उन्होंने स्कूल प्रबंधन का आभार जताया।