कलायत। गांव कैलरम में चल रही वुशू और फुटबाॅल की खेल नर्सरी में 100 से भी ज्यादा लड़के और लड़कियां खेलों की तैयारियां कर रहें हैं। गांव कैलरम में चल रही वुशू खल नर्सरी जिला कैथल की इकलौती खेल नर्सरी है। इस नर्सरी के खिलाड़ियों ने बिना खेल संसाधनों के जिला व प्रदेश स्तर पर अपनी बेहतरीन खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण हासिल किए हैं।
वुशू खेल कोच नरेश शर्मा ने बताया की वुशू खेल नर्सरी में 50 खिलाड़ी कोचिंग ले रहे हैं। इसके अलावा यदि बिना एनरोलमेंट के भी कोई बच्चा खेल का प्रशिक्षण लेने के लिए आता है तो उसे भी नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। नरेश शर्मा ने बताया की वुशू खेल के लिए खिलाड़ी तो बहुत हैं पर नर्सरी में खेल संसाधनों का भारी अभाव था।
इस समस्या के लिए उन्होंने ग्राम सरपंच प्रतिनिधि नरेश यादव व बसाऊ राम शर्मा के सामने विषय को रखा। नरेश यादव ने उनसे दो दिन में ही आवश्यक संसाधनों की लिस्ट मांगी और अगले दो दिनों में बच्चों के लिए खेल संसाधन मुहैया करवा दिए।
सरपंच प्रतिनिधि नरेश यादव ने कहा कि उनके गांव में वुशू व फुटबॉल के खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं, ऐसे में उनको संसाधन उपलब्ध करवाना उनकी ग्राम पंचायत की प्राथमिकता है। आगे भी दोनों ही खेल नर्सरियों से जो भी संसाधनों की मांग आएगी, वह तत्काल प्रभाव से उपलब्ध करवाई जाऐगी।
बसाऊ राम शर्मा ने कहा कि खेल व खिलाड़ियों के लिए वातावरण व गांव का सहयोग सबसे अहम होता है। गांव कैलरम में दोनों ही नर्सरियों में बच्चों को बेहतरीन वातावरण उपलब्ध करवाया जा रहा है जिसके कारण बच्चे जिला व प्रदेश स्तर पर स्वर्ण जीत रहे हैं। उन्होंने बताया की वुशू एक पारंपरिक व आधुनिक चीनी मार्शल आर्ट है, जो अपनी संपूर्ण शारीरिक फिटनेस, आत्मरक्षा, तकनीकों और कलात्मक प्रदर्शन के लिए जाना जाता है।
यदि ऐसे खेल की जिला की एक मात्र नर्सरी गांव कैलरम में चल रही है तो यह गांव के लिए गौरव का विषय है। ग्राम पंंचायत ने इस खेल के लिए संसाधन उपलब्ध करवाए उससे खिलाड़ियों को अपनी खेल प्रतिभा को निखारने का भरपूर अवसर मिलेगा।
ग्राम पंचायत कैलरम द्वारा वुशू खिलाडिय़ों को उपलब्ध करवाए गए खेल संसाधन