संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। इस बार विश्व मलेरिया दिवस शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न शिक्षण संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों व स्टाफ को जागरूक किया जाएगा। वहीं, जिले में स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया पर रोकथाम की कवायद सफल हुई है, क्योंकि पिछले सात साल में जिले में मलेरिया का महज एक केस ही आया है। यह केस पिछले साल मई माह में मिला था।
गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2018 के बाद से जिले में कोई संक्रमित केस मलेरिया का नहीं मिला है। अब गर्मी बढ़ने लगी है। आने वाले दिनों में मच्छरों के प्रकोप के बीच मलेरिया और डेंगू की बीमारी फैलने की आशंका रहती है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता की वजह से जिले में ये रोग पनप नहीं सके हैं। स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पूरे जाेरों पर है। राहत की बात यह भी है कि इस साल भी अभी तक मलेरिया का कोई केस नहीं मिला है।
शिक्षण संस्थानों में करवाई जाएंगी प्रतियोगिताएं ः शिक्षण संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित करने के साथ पेंटिंग सहित अन्य प्रतियोगिताओं के माध्यम से लोगों को मलेरिया से बचाव के लिए भी जागरूक किया जाएगा। वहीं, डोर-टू-डोर अभियान चला मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया के बारे में भी लोगों को जानकारी दी जाएगी।
गांवों के बने तालाबों में भी गंबूजियां मछलियां डालना शुरू कर दी गई हैं। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नीरज मंगला ने कहा कि जिलेभर में लोगों को अपने घरों के सदस्यों व आसपास के लोगों को मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक किया जाएगा। सप्ताह में एक दिन खुले में जमा पानी के सभी स्रोतों जैसे कूलर, टंकी होदी, फ्रिज के पीछे ट्रे, टायर, मटके, गमले की सफाई की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही लोगों को पंपलेट बांटकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाएगा
वर्ष
मलेरिया केस
2014
45
2015
25
2016
16
2017
09
2018
03
2019
00
2020
00
2021
00
2022
00
2023
00
2024
01
मलेरिया व डेंगू से बचाव के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। इसके लिए रेपिड रिस्पांस टीमों का भी गठन किया गया है। इन टीमों ने अब डोर-टू-डोर सर्वे करके बुखार को लेकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। अभी तक करीब 30 हजार घरों में जांच की जा चुकी है। इसमें अभी तक मलेरिया का कोई भी केस सामने नहीं आया है। यह सर्वे लगातार एक महीने तक जारी रहेगा। -डॉ. रेनू चावला, सिविल सर्जन, कैथल।