संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा पर कलायत के श्री कपिल मुनि धाम में धार्मिक मेला आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने घर-परिवार में समृद्धि और शांति की कामना कर जल से आचमन कर ईष्ट देवों की पूजा की।
मंदिर के पुजारी अनिरुद्ध गौतम ने श्रद्धालुओं को पूर्णिमा महात्मय की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि पूर्णिमा शुक्ल पक्ष का अंतिम दिन होती है और शास्त्रों में इसके व्रत का विशेष महत्व माना गया है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा, जिसे बत्तीसी पूर्णिमा भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन स्नान, दान, जप और पूजा के फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक प्राप्त होते हैं।
गौतम ने बताया कि इस दिन लक्ष्मी नारायण, चंद्रमा और तुलसी की पूजा का विशेष महत्व है। तुलसी पूजन से भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है, घर में सुख-शांति बनी रहती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। साथ ही लक्ष्मी-साधना और विष्णु-पूजन से जीवन में सौभाग्य, समृद्धि, धनवृद्धि और पारिवारिक सुख स्थायी रूप से बढ़ता है। पितरों के तर्पण से उनके आशीर्वाद की भी प्राप्ति होती है।
मेला में आए श्रद्धालुओं ने बताया कि बहुत लंबे समय के बाद कपिल तीर्थ में स्नान का अवसर मिला, लेकिन जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण जल गंदा हो गया, इसलिए उन्होंने केवल आचमन कर पूजा संपन्न की। मंदिर परिसर में लगी दुकानों में श्रद्धालुओं ने खरीदारी भी की।
4केएलटी3: मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर कपिल तीर्थ में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
4केएलटी3: मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर कपिल तीर्थ में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़