संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अहोई अष्टमी पर सोमवार को शहर में मातृत्व और आस्था का संगम देखने को मिला। माताओं ने अपनी संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और उन्नति की कामना के लिए निर्जला व्रत रखा और शाम को अहोई माता का पूजन किया।
कहीं घरों की दीवारों पर पारंपरिक रूप से अहोई माता की आकृति बनाई गई तो कहीं बाजार से पोस्टर लाकर सजावट की गई। सात बर्तनों में जल और सात प्रकार के अनाज रखकर पूजन किया गया। बच्चों ने सूत का धागा पकड़कर माताओं से आशीर्वाद लिया।
बाजार में रही खरीदारी की रौनक
अहोई अष्टमी से पहले बाजारों में पूजा सामग्री की खरीदारी को लेकर भीड़ उमड़ी रही। चौक बाजार, तलाई बाजार और हरियाणा गेट क्षेत्र में महिलाओं ने दीये, सूत, अनाज, अहोई माता की तस्वीरें और सजावटी वस्तुएं खरीदीं। दुकानदार राजेश कुमार ने बताया कि इस बार बिक्री पिछले साल से बेहतर रही, खासकर चांदी की अहोई और बर्तनों की मांग रही। मिठाई विक्रेता संदीप ने बताया कि गुलाब जामुन और लड्डू की सबसे ज्यादा बिक्री हुई।
किठाना कॉलेज के प्रांगण में मनाया अहोई अष्टमी
राजौंद। किठाना कॉलेज ऑफ एजुकेशन किठाना में अहोई अष्टमी पर्व को उत्साह के साथ मनाया गया। प्राचार्या डॉ.निर्मल सिंहरोहा ने प्राध्यापिकाओं को शुभकामनाएं दी और इसका महत्व बताया। कॉलेज के प्रांगण में अहोई माता की कथा का आयोजन किया गया। इसमें सभी महिला स्टाफ सदस्यों में हिस्सा लिया। इस दौरान कॉलेज के सभी विद्यार्थियों को संस्कृति से जुड़े रीति-रिवाज से अवगत कराया। संवाद