संवाद न्यूज़ एजेंसी
ढांड। साकरा में शुक्रवार को जिले में लिंगानुपात बढ़ाने के मकसद से महिला एवं बाल विकास विभाग ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम का आयोजन किया। इसका थीम है सेल्फी विद डॉटर अभियान। कार्यक्रम में देवी स्वरूप छोटी-छोटी बेटियों को तिलक लगाकर गले में फूल मालाएं डालकर उनकी पूजा की गई।
कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि सरपंच डा. सतपाल साकरा ने शिरकत करते हुए कहा कि जिले में लगातार घटता लिंगानुपात हमारे लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। इसके लिए हम सब दोषी हैं। उन्होंने कहा कि आज वैज्ञानिक युग में भी हम बेटे की तुलना में बेटी को कम महत्व देने की बात सोच रहे हैं जबकि हमारी बेटियों ने आज बेटों को पीछे छोड़कर अंतरिक्ष तक जाने का अपना रास्ता स्वयं चुना है।
उन्होंने कहा कि हमें चाहिए कि बेटा और बेटी को हम एक समान समझें और बेटियों को बेटों के बराबर का हक दें। उन्हें भी इस समाज जीने का उतना ही अधिकार है जितना कि बेटों को। इस अभियान के तहत कन्या भ्रूण हत्या को रोकना और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के साथ लड़कियों को सशक्त बनाना है। कार्यक्रम के अंत में बेटियों के नाम एक पौधा रोपित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुपरवाइजर पूजा मैहला ने की। इस अवसर पर आंगनबाड़ी वर्कर राजबाला, शीला, सुनीता, शरबती, स्नेहलता आदि मौजूद रहीं।
उधर, सीवन में आंगनबाड़ी वर्कर उषा के केंद्र पर शुक्रवार एक प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बेटी के जन्म पर कुआं पूजन कर उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर सुपरवाइजर कुसुम ने उपस्थित माताओं और महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा कि बेटियां भी बेटों से किसी मायने में कम नहीं हैं। जैसे बेटों के जन्म पर खुशियां मनाई जाती हैं, वैसे ही बेटियों के जन्म को भी समान उत्साह और सम्मान के साथ मनाया जाना चाहिए।