संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नवंबर के दूसरे पखवाड़े में हल्की ठंड ने दस्तक दे दी है। इसी के साथ शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में गर्म कपड़ों की खरीदारी भी रफ्तार पकड़ने लगी है। स्वयं सहायता समूह की सदस्य मुकेश, गांव बुढ़ाखेड़ा की निवासी हैं, जो ऊनी वस्त्रों का कारोबार कर हर महीने 10 से 15 हजार रुपये तक की आमदनी कर रही हैं। उनके साथ कई अन्य महिलाएं भी इस कार्य से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
मुकेश बताती हैं कि जैसे-जैसे ठंड शुरू हुई है, बाजार में स्वेटर, हुडी, कार्डिगन, श्रग, स्टॉल और मफलर जैसे आधुनिक वूलन परिधानों की मांग बढ़ गई है। खासकर युवतियों को नए ट्रेंड के श्रग, स्टॉल और हुडी काफी पसंद आ रहे हैं।
शहर के मेन बाजार और सिटी थाना क्षेत्र में गर्म कपड़ों की दुकानों पर ग्राहकों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ रही है। महिलाएं बच्चों के लिए ऊनी कपड़ों की खरीद में विशेष रुचि दिखा रही हैं, वहीं कॉलेज जाने वाली लड़कियां भी खरीदारी में जुटी हैं। मुकेश ने बताया कि उनका उद्देश्य सिर्फ खुद कमाना नहीं, बल्कि अन्य महिलाओं को रोजगार से जोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं, पर प्रशिक्षण और पूंजी की कमी सबसे बड़ी बाधा है।
समूह से जुड़ी महिलाओं की औसत आय लगभग 15 हजार रुपये प्रति माह तक पहुंच गई है। लक्ष्मी देवी का मानना है कि अगर सरकार सिलाई व प्रशिक्षण केंद्रों को नियमित सहयोग और विपणन सुविधा उपलब्ध कराए तो महिलाएं और अधिक सशक्त हो सकती हैं।
बाजारों में इस समय वूलन टॉप, शॉल, स्वेटर, हुडी, कार्डिगन, मफलर, गर्म मोजे, टोपी, दस्ताने और थर्मल वियर की खरीदारी अधिक हो रही है। ठंड बढ़ने से दुकानों पर रौनक लौट आई है।
महिलाओं के लिए मिलेगी डाक सुविधा
डाक विभाग ने महिलाओं के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए फ्री होम पिकअप सुविधा शुरू की है। अब डाकिया महिलाओं के घरों से ही तैयार उत्पाद लेकर डाकघर तक पहुंचाएगा। पार्सल की डिलीवरी फीस वजन के आधार पर तय की जाएगी। 500 ग्राम तक के उत्पाद पर 41 रुपये शुल्क लगेगा। इसके अलावा 10,000 रुपये से अधिक कीमत वाले पार्सल के लिए बाद में भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इस पहल से हजारों महिलाओं को अपने उत्पाद दूरदराज के क्षेत्रों तक भेजने, बाजार तक पहुंच बढ़ाने और आर्थिक रूप से मजबूत बनने का एक नया अवसर मिलेगा।