संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। महिलाओं ने वीरवार को वट सावित्री का व्रत रखा। सुबह से ही महिलाओं ने पूजन-अर्चना शुरू कर दी। महिलाओं ने बरगद के पेड़ में नारा लपेटकर पति के लंबी आयु के प्रति विशेष प्रार्थना की। वट सावित्री सौभाग्य प्राप्ति के लिए बड़ा और अडिग व्रत माना जाता है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, सावित्री नाम की महिला ने अपने सुहाग यानि पति के प्राणों की रक्षा के लिए वट वृक्ष के नीचे यमराज की पूजा की, जिससे प्रसन्न होकर यमराज ने सत्यवान की आयु बढ़ा दी। सुहागन स्त्रियां सावित्री की तरह वटवृक्ष के नीचे पूजा करती हैं और पति की लंबी आयु की कामना करती हैं। भारतीय संस्कृति में यह व्रत आदर्श नारीत्व का प्रतीक एवं पर्याय बन चुका है। वट सावित्री व्रत में वट और सावित्री, दोनों का विशेष महत्व है।