कलायत। आंगनबाड़ी केंद्रों के निजीकरण की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा ने आंदोलनरत वर्करों-हेल्परों को काम पर लौटने का आह्वान किया। राज्यमंत्री कलायत में रविवार को नपा परिसर में 12 लाख 96 हजार रुपये की लागत से बनने वाले आंगनबाड़ी केंद्र का शिलान्यास करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहीं थीं। इसके साथ ही मंत्री ने अस्थायी दमकल केंद्र कार्यालय का उद्घाटन किया। इसके लिए जल्द स्थायी दमकल केंद्र भवन का निर्माण करवाया जाएगा। कमलेश ढांडा ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अगुवाई में सरकार का ध्येय राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों का सजना-संवारना है। प्रदेश में आंदोलनरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-हेल्परों पर सरकार सहानुभूति तरीके से विचार कर रही है। जब-जब यूनियन नेताओं ने बातचीत के लिए समय मांगा है, मुख्यमंत्री और स्वयं वे महिला एवं बाल विकास मंत्री के तौर पर चर्चा के लिए तैयार रहे हैं। सरकार महिलाओं की सेवा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और हर क्षेत्र में अधिकारों को लेकर गंभीर है। उन्होंने आंदोलनरत वर्करों और हेल्परों को ड्यूटी पर लौटने की अपील की। ढांडा ने कहा कि शनिवार को आंगनबाड़ी वर्करों-हेल्परों के मुद्दों को लेकर बातचीत हुई है। इसके तहत 29 दिसंबर की घोषणा पूरी तरह से लागू होगी। इसके अलावा मानदेय के साथ महंगाई किस्त की प्रक्रिया जारी है। इसको लिंक करने पर ऑटोमेटिक महंगाई भत्ते की किस्त मानदेय से जुड़ती रहेगी। सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के निजीकरण का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। प्रमोशन में वर्कर और हेल्पर की कोई आयु सीमा नहीं होगी। हरियाणा विधानसभा बजट में मुख्यमंत्री ने वर्करों-हेल्परों को लेकर महत्वपूर्ण मांगों को माना है। इस मौके पर नगर पालिका चेयरपर्सन शशीबाला कौशिक, वरिष्ठ भाजपा नेता राजू कौशिक, नगर पार्षद रणबीर धानियां, संजय सिंगला, नपा सचिव पवन शर्मा, पालिका अभियंता अशोक कुमार, फायर अधिकारी गुरमेल सिंह, वाइस चेयरपर्सन पूजा धीमान, पूर्व वाइस चेयरपर्सन मीनाक्षी जेष्ठ, निशु सिंगला, सतीश धीमान, सुरेश वाल्मीकि, सुमन बंसल, भाजपा नेता दिलावर मलिक सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।