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Kaithal News: सांड़ की टक्कर से घायल महिला ने तोड़ा दम

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कैथल। दो दिन पहले सांड़ की टक्कर से अस्पताल में भर्ती घायल महिला ने सोमवार शाम के समय दम तोड़ दिया। महिला को कलायत के गांव बात्ता में टक्कर मारी थी। यह महिला अपने भांजे विनोद के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर बहन के घर चौशाला की तरफ आ रही थी।
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समाजसेवी राजू शर्मा ने बताया कि गांव बलवंती निवासिनी महिला 45 वर्षीय सुदेश अपने भांजे विनोद के साथ पांच अगस्त को शाम करीब पांच बजे हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर मोटरसाइकिल पर सवार होकर चौशाला जा रही थी। हाईवे पर अचानक बीच में ही सांड़ आ गया था। इससे विनोद को कुछ चोटें लगी, जबकि महिला सुदेश गंभीर रुप से घायल हो गई। उन्हें कैथल के एक निजी अस्पताल में दाखिला करवाया था। जहां उनकी सोमवार की शाम को ही मौत हो गई।


बॉक्स
सड़कों पर बेसहारा गोवंश के कारण हो रहे हादसे

जिलेभर में सड़कों पर बेसहारा गोवंश के कारण लगातार आए दिन हादसे हो रही हैं। चार दिन पहले ही बेसहारा गोवंश के मुद्दे सहित अन्य समस्याओं को लेकर जिले के गोशाला संचालकों और कैथल एसडीएम संजय के बीच लघु सचिवालय में बैठक भी हुई थी। इस बैठक में गोशाला संचालकों ने उनकी गोशालाओं में अधिक बेसहारा गोवंश होने का मुद्दा भी उठाया था। समाजसेवी राजू शर्मा ने कहा कि इस समय पूरे जिले में करीब दो हजार से अधिक गोवंश सड़कों पर हैं। इसके बावजूद इन्हें गोशालाओं में नहीं छोड़ा जा रहा है। शर्मा ने बताया कि उन्होंने इस मामले में करीब एक साल पहले धरना-प्रदर्शन भी किया था। फिर भी कोई समाधान नहीं हुआ है। इससे काफी रोष है। शर्मा ने कहा कि इसके साथ ही बेसहारा गोवंश के कारण होने वाली दुर्घटनाओं के कारण काफी लोग चोटिल भी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहर में अधिकतर मुख्य मार्गों पर रात के समय बेसहारा गोवंश सड़कों पर बैठे होते हैं। इस कारण ही अधिक हादसें हो रहे हैं। शहर में नगर परिषद ने जींद रोड पर अतिरिक्त अनाज मंडी के पास गोशाला का निर्माण कार्य तो शुरू किया गया है, लेकिन गोवंशों को पकड़ कर किसी भी किसी भी गोशाला में नहीं छोड़ा जा रहा है।
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वर्जन-
जल्द ही कराया जाएगा समाधान

सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवंश की समस्या अधिक है। इस बारे में जिले के 20 से अधिक गोशाला संचालकों की बैठक ली गई थी। इस बैठक में उनसे बेसहारा गोवंश को अपनी गोशाला में लेने की अपील की गई थी। इस समस्या को लेकर जिला प्रशासन लगातार गोशाला संचालकों के संपर्क में है। धीरे-धीरे बीच का रास्ता निकालकर इसका समाधान करवा दिया जाएगा।
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