गुहला-चीका। चीका-कैथल रोड पर गत शनिवार को गांव पीडल के पास मनरेगा मजूदरों से भरे एक टेंपू के पलट जाने से घायल हुए मजदूरों में से एक महिला मजदूर की चंडीगढ़ पीजीआई में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
जानकारी के अनुसार पीडल गांव के 27 मनरेगा मजदूर शनिवार को एक टेंपू में मजदूरी के लिए सरौला गांव जा रहे थे। ये टेंपू लक्ष्मी पैलेस के नजदीक सड़क पर पलट गया और उसमें सवार सभी मजदूरों को चोटें आई। इस हादसे में गंभीर रूप से हुए घायल आठ मजदूरों को इलाज के लिए पटियाला भेजा गया। यहां पर एक महिला मजदूर 40 वर्षीय सुमन पत्नी सुखदेव की हालत ज्यादा गंभीर होने के चलते डाॅक्टरों ने उसे चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया। रविवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बता दें कि सुमन के पति सुखदेव की पहले ही मौत हो चुकी। सुमन अब मनरेगा में मजदूरी कर अपने तीन बच्चों का पेट पाल रही थी। मां की मौत के बाद अब तीनों बच्चे अनाथ हो गए है।
वर्जन-
मजदूरों से भरा टेंपू लापरवाही से चलाने के आरोप में मृतक सुमन की भतीजी प्रियंका के शिकायत पर टेंपू चालक मनोज कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। महिला के शव पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया गया है।
- रामपाल, कार्यवाहक थाना प्रभारी चीका।