कैथल। सर्दी के साथ ही कोहरे की दस्तक शुरू हो गई है। अभी तक प्रशासन की ओर से 80 प्रतिशत मुख्य चौक-चौराहों, सड़कों व ब्लैक स्पॉट पर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तैयारियां अधूरी हैं। जिले के नेशनल, स्टेट हाईवे सहित लोकल मार्गों से सफेद पट्टी गायब है। कई जगह सड़कों पर गहरे गड्ढे बने हुए हैं तो कई जगह डिवाइडरों के बीच सांकेतिक बोर्ड टूटे पड़े हैं।
जहां पर हर साल सड़क हादसों में जान जा रही है। इससे पहले प्रशासन ने खतरनाक जगहों पर सांकेतिक चिह्न लगाए गए थे वे अब साफ नहीं दिखाई दे रहे। कहीं झाड़ियों में छुप गए हैं जो दिखाई नहीं दे रहे। इसलिए अधूरी तैयारियों से कोहरे के मौसम में वाहन चालकों को सफर करना मुश्किल भरा रहेगा। इससे हादसों में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ने की संभावना रहेगी।
बता दें कि चंडीगढ़ हिसार नेशनल हाइवे पर पिजुपुरा के पास, तितरम मोड़, बाता गांव में बस अड्डा के नजदीक, अंबाला रोड बाईपास चौक, कलायत शहर का कैंची चौक, जींद रोड बाईपास चौक, गांव क्योडक़, बाता गांव में बस अड्डा के नजदीक, अंबाला रोड बाईपास चौक, करनाल रोड बाईपास चौक, कैथल शहर का विश्वकर्मा चौक, ढांड रोड बाईपास चौक, गुहला का उद्यम सिंह चौक, ढांड में पंचमुखी चौक, असंध मार्ग पर देवबन कैंची और पूंडरी-करनाल मार्ग पर भी ब्लैक स्पॉट व अंधे मोड़ चिह्नित किए हुए हैं। कुछेक प्वाइंटों को छोडकऱ अन्य प्वाइंटों पर हालात ठीक नहीं है।
बिना रिफ्लेक्टर के सड़कों पर दौड़ रहे वाहन
कोहरा शुरू होते ही रिफ्लेक्टर का महत्व बढ़ जाता है। सामान्य दिनों में रात के समय करीब 50 मीटर की दूरी से इस पर वाहनों का प्रकाश पड़ते ही रिफ्लेक्शन शुरू हो जाती है, जिससे वाहन चालक अलर्ट हो जाता है। इसी प्रकार से कोहरे के समय इस पर लाइट पड़ने से चमक जरूर कम हो जाती है।
पिछले वर्ष चार महीनों में 30 से ज्यादा व्यक्तियों की हुई थी मौत
पिछले वर्ष भी नवंबर के महीने से शुरू होकर फरवरी तक 30 से ज्यादा व्यक्तियों की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। कोहरे के मौसम में लोगों ने जान गंवाई थी। कई जगह पर सफेद पट्टी न होने के कारण कोहरे के मौसम में वाहन नीचे उतर गए थे। सांकेतिक चिह्न होने के कारण स्पीड ब्रेकरों सहित कई जगहों पर वाहन चालकों को काफी चोटें लगी थी।
अंबाला रोड पर सफेद पट्टी लगे
शहरवासी अमरीक सिंह का कहना है कि अंबाला रोड पर ड्रेन से पहले सड़क पर मिट्टी पड़ी हुई है। इस मिट्टी के कारण सफेद पट्टी नहीं दिखाई दे रही है। इस कारण कई बार वाहन चालक वाहनों को सड़कों से नीचे उतार देते हैं, प्रशासन को दोबारा से अंबाला रोड पर सफेद पट्टी लगवानी चाहिए, ताकि हादसों पर अंकुश लग सकें।
टूट हुए हैं सांकेतिक चिह्न
राहगीर संजीव का कहना है कि शहर के पार्क रोड, गुहला चीका रोड, करनाल रोड, जींद रोड सहित कई जगह डिवाइडर पर लगे हुए सांकेतिक चिह्न टूट हुए हैं। कोई ठीक नहीं कर रहा है। अब कोहरे के मौसम में सडक़ दुर्घटना होने का खतरा बढ़ गया है, प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।
पेड़-पौधों में छिपे साइन बोर्ड
राहगीर पंकज का कहना है कि कैथल से चीका वाले रोड पर कई साइन बोर्ड हैं, लेकिन ज्यादातर साइन बोर्ड पेड़-पौधों में छिप गए हैं। प्रशासन का कोई अधिकारी इस समस्या की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। रात के समय में लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
बिना सफेद पट्टी के परेशानी
शहरवासी धर्मपाल ने बताया कि कोहरे का मौसम शुरू हो गया है, लेकिन सड़कों पर वाहन चलाते समय बिना सफेद पट्टी के परेशानी आ रही है। धीमी गति से वाहन चलाने पड़े रहे हैं। रात के समय कई बार सफेद पट्टी न होने के कारण जींद रोड पर गांव तितरम से लेकर देवबन तक ट्रक नीच खदानों में गिर जाते है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
यातायात एसएचओ रमेश चंद्र ने बताया कि कोहरे के मौसम को देखते हुए जिले की सड़कों पर एक दो दिन में सांकेतिक बोर्ड और वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने का काम शुरू किया जाएगा। वाहन चालकों को भी जागरूक करना शुरू कर दिया है। जल्द ही वाहन चालकों ने वाहनों पर रिफ्लेक्टर नहीं लगाए तो वाहनों के चालान शुरू कर दिए जाएंगे। ऑटो चालकों को निर्देश दिए गए हैं कि कोई ऑटो रिफ्लेक्टर के बिना न रहें।
दूसरी ओर पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सईएन केसी पठानिया ने कहा कि सडक़ों पर सफेद पट्टी लगवाने का काम एक-दो दिन में शुरू कर दिया जाएगा। सड़कों पर गहरे गड्ढे भरे जा रहे हैं, वाहन चालकों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।