संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विभिन्न कारणों से पढ़ाई बीच में छोड़ चुके ड्रॉपआउट बच्चों को एक बार फिर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जिला शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 को लेकर नए साल से विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। यह अभियान 1 जनवरी से 19 जनवरी तक चलेगा।
अभियान के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, स्कूल मुखियाओं और शिक्षकों की टीमें घर-घर जाकर ड्रॉपआउट बच्चों के अभिभावकों से सीधे बातचीत करेंगी।
इस अभियान के तहत ड्रॉपआउट बच्चों के अभिभावकों को शिक्षा का महत्व समझाया जाएगा और सरकार की ओर से मिलने वाली सभी शैक्षणिक सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और सभी बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ा जा सके।
यह सर्वे तीन स्तरों पर संचालित किया जाएगा, जिसमें स्कूल स्तर, ब्लॉक स्तर और जिला स्तर की टीमें सक्रिय भूमिका निभाएंगी। शिक्षा विभाग की टीमें छह से 19 वर्ष आयु वर्ग के ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उन्हें दोबारा स्कूल तक लाने का प्रयास करेंगी। अधिकतर ड्रॉपआउट बच्चे झुग्गी-झोपड़ी और बस्तियों में रहने वाले होते हैं। ऐसे बच्चों का पूरा विवरण विभाग के एमआईएस पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, ताकि उन्हें पढ़ाई के दौरान सरकार की सभी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिल सके।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के सामाजिक संगठनों का भी सहयोग लिया जाएगा। शिक्षा विभाग की ओर से सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी गई है। स्कूल मुखिया सर्वे टीमों का गठन करेंगे और उनके कार्यक्षेत्र भी तय किए जाएंगे। जितने बच्चों को ड्रॉपआउट सूची में शामिल किया जाएगा, उनकी जानकारी अनिवार्य रूप से एमआईएस पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
बीईओ और एबीआरसी को अपने-अपने ब्लॉक में शत-प्रतिशत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। ड्रॉपआउट विद्यार्थी जो किन्हीं कारणों से पढ़ाई छोड़ चुके हैं, उनकी पढ़ाई दोबारा शुरू कराने के लिए जिला शिक्षा विभाग की ओर से विशेष प्रशिक्षण केंद्र खोले जाते हैं और अभिभावकों को लगातार जागरूक किया जाता है।
सरकार और शिक्षा विभाग ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है, ताकि हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके।
-छत्रपाल सिंह जिला गणित विशेषज्ञ
चिह्नित बच्चों के लिए बनाए गए विशेष नियम
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मिशन शिक्षा अभियान के तहत पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों का डाटा इकट्ठा करने के लिए एजुकेशन वॉलंटियर भी नियुक्त किए गए हैं, जो जनवरी से मैदानी स्तर पर बच्चों की पहचान करेंगे और रिपोर्ट बनाएंगे।
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ड्रॉपआउट सर्वे अभियान के दौरान छह से सात वर्ष आयु वर्ग के बच्चों
का एमआईएस पोर्टल पर बनाए गए एसटीसी के तहत सीधे दाखिला कराया जाएगा।
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सात से 14 वर्ष और 16 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए विशेष ट्रेनिंग सेंटर्स संचालित किए जाएंगे, ताकि वे पढ़ाई में पिछड़ापन दूर कर शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकें।