संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। हर घर के नल में स्वच्छ जल पहुंचने की कवायद पर युवा सामाजिक कार्यकर्ता प्रीत जगदेव, आरके धानियां, विकास कुमार और अन्य ने सीएम को ट्वीट एवं पोर्टल के जरिये शपथ पत्र देते हुए शिकायत भेजने का निर्णय लिया है।
इससे पहले भी शासन-प्रशासन को इस प्रकार का शपथ पत्र भेजा गया था।
नाराज संगठनों का कहना है कि जो पैसा आम जन को साफ जल मुहैया करवाने के लिए सरकार व्यय कर रही है उसका लाभ धरातल पर नहीं मिल रहा है। यही वजह है कि पेयजल संसाधनों की हालत दिन-प्रतिदिन बदहाल होती जा रही है। पेयजल टैंकों से लेकर घरों तक बिछाई गई पाइप तक की सिरे से जांच करने पर अनेक खामियां सामने आ सकती हैं। इस प्रकार पेयजल व्यवस्था पर निरंतर सवाल उठ रहे हैं उससे संपूर्ण सर्कल में तीन वर्षों में जारी बजट और उसके उपयोग का एक-एक दस्तावेज खंगालने की जरूरत है।
जिला कैथल सर्कल जन स्वास्थ्य विभाग अधीक्षक अभियंता एके खंडूजा ने कहा कि बोर्ड की बैठक मेंं पूरे हरियाणा का बजट जन स्वास्थ्य विभाग के लिए जारी होता है। उपरांत प्रक्रिया अनुसार तमाम संंबंधित कार्य किए जाते हैं। विभाग पूरी पारदर्शिता से कार्य कर रहा है। हर स्तर पर कार्य की गुणवत्ता को जांचने के लिए कार्यकारी अभियंता, एसडीओ और जेई को जिम्मेदारी रहती है।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2024-2025 के लिए जल जीवन मिशन-सहायक गतिविधियोंं और जल गुणवत्ता निगरानी एवं निरीक्षण के अंतर्गत हरियाणा मेंं पहली बार विशेष परियोजना को मंजूरी दी गई है। इससे हर घर के नल में स्वच्छ जल पहुंचेगा।
इसमें 58.73 करोड़ रुपये की 61 परियोजनाएं शामिल रहेंंगी। इससे उन अधिकारियों और एजेंंसियों पर कार्रवाई तय है, जिन्होंने धरातल पर कार्य करने की बजाय केवल कागजों मेंं अपने कार्य की इतिश्री की है। समाजसेवी संगठनों ने कैथल सर्कल कार्यालय का रिकॉर्ड जब्त करने की मांग भी उठाई है।