कैथल। लोकसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच अब कई ऐसे मुद्दों पर भी बात होने लगी है, जो पिछले लंबे समय से पूरे नहीं हो पाए हैं। इसमें कैथल जिले को मिलने वाले बड़ी सौगात में कैथल शहर में कुरुक्षेत्र-नरवाना रेल मार्ग पर बनने वाले एलिवेटेड ट्रैक का मुद्दा भी है। दरअस, कैथल के लोगों के लिए यह परियोजना पिछले छह साल से केवल एक उम्मीद बनकर ही रह गया है। इसलिए यहां के लोगों का सवाल है कि आखिर कैथल वासियों को एलिवेटेड ट्रैक कब मिलेगा।
गौरतलब है कि इस एलिवेटेड ट्रैक का निर्माण करने के लिए राज्य सरकार तो तैयार है, लेकिन इसके लिए केंद्र सरकार की हां का इंतजार है। कैथल ये एलिवेटेड ट्रैक करीब साढ़े चार किलोमीटर की दूरी तक बनाया जाना है। शहर के लोगोंं का कहना है कि यह ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसके पूरा होने पर शहर के चार फाटकों पर लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। वहीं, इस ट्रैक के निर्माण की प्रकिया के तहत राज्य सरकार ने वर्ष 2021 में 195 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया था। परंतु निर्माण को लेकर व्यावहारिकता न पाए जाने के कारण इसका निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में लोगों के नए सांसद से मांग है कि वह अपना पदभार संभालने के बाद इस परियोजना को भी प्रमुखता से पूरा करवाए।
एलिवेटेड ट्रैक का मुद्दा काफी हावी
कुरुक्षेत्र-नरवाना रेल मार्ग पर बनने वाले एलिवेटेड ट्रैक का मुद्दा काफी हावी है। इस मुद्दे को इस बार लोकसभा चुनाव में प्रमुखता से उठाया जाना चाहिए, क्योंकि परियोजना पूरा होने के बाद शहर के लाखों शहरवासियों को इसका लाभ मिल पाएगा। उन्हें तो यही आशा है कि जो भी नया सांसद आए, वह इस पर प्राथमिकता से कार्य करे। -मुनीष बंसल, रेल यात्री, कैथल।
व्यावहारिकता के लिए हो कार्य
एलिवेटेड ट्रैक के निर्माण की घोषणा सरकार की ओर से वर्ष 2018 में की गई थी, लेकिन यह अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। इसके लिए दो से तीन बार रेलवे की ओर से भी व्यावहारिकता करवाई गई। परंतु व्यावहारिकता सही नहीं पाई गई है। इसलिए इस परियोजना के निर्माण के तहत व्यावहारिकता के लिए भी कार्य हो। -पवन शर्मा, सदस्य, रेल यात्री कल्याण समिति, कैथल।
निर्माण का लंबे समय से इंतजार
ट्रैक के निर्माण का लोगों को लंबे समय से इंतजार है। स एलिवेटेड ट्रैक का निर्माण करने के लिए राज्य सरकार तो तैयार है, लेकिन इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से हामी नहीं भरी गई है। उनकी मांग है कि लोकसभा चुनाव के बाद जो भी नया सांसद बने, वह इस मुद्दे को संसद में जरूर उठाए, ताकि शहर के लोगों को जाम से मुक्ति मिल सके। -पुनीत शाडिल्य, रेल यात्री, कैथल।