कैथल। रोडवेज की बसों की संख्या बढ़ने के बाद कैथल डिपो को 142 चालक व परिचालक मिले हैं। इसमें 81 परिचालक व 61 चालक शामिल हैं। सरकार की तरफ से ऑनलाइन तबादला नीति लागू करने के बाद नए चालक व परिचालक कैथल में ड्यूटी संभालेंगे। इसके बाद नई बसों को चलाने की समस्या जल्द दूर हो सकेगी।
गौरतलब है कि पिछले छह महीने में कैथल डिपो को कुल 85 नई बसें मिली हैं। अब डिपो में बेड़े की संख्या बढ़कर 191 हो चुकी है परंतु चालक व परिचालकों की कमी में कारण 20 से 20 बसें रूट पर नहीं दौड़ पा रही हैं। पिछले साल रोडवेज बेड़े में 116 बसें थीं। बसों की संख्या बढ़ने पर डिपो में करीब 100 परिचालक और 80 चालकों की कमी बनी हुई है। ऐसे में स्टाफ की कमी के कारण लंबे रूटों पर बसों की संख्या नहीं बढ़ाई जा सकती है। अब इन बसों के लिए स्टाफ मिलने के बाद रूट पर बसों की कमी की परेशानियां भी कमी होंगी और कई लंबी दूरी पर रात्रिकालीन बस सेवा भी शुरू की जाएगी।
इस समय पटियाला, चंडीगढ़ और हिसार के लिए रात्रि बस सेवा बंद है। अब चालकों व परिचालकों के आने के बाद इन रूटों पर भी रात्रिकालीन बस सेवा भी शुरू हो पाएगी। रोडवेज के महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया कि कैथल डिपो में पिछले लंबे समय से चालकों व परिचालकों की कमी बनी थी। अब सरकार ने ऑनलाइन तबादला नीति लागू की है। इसके तहत कैथल में भी 81 परिचालक व 61 चालक आए हैं। जल्द ही ये सभी ज्वाइन करेंगे। इसके बाद बसों की संख्या विभिन्न रूटों पर बढ़ाई जाएगी।