संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। तापमान में गिरावट के साथ जिले में गेहूं बिजाई का कार्य शुरू हो गया है। किसान इस बार धान के अवशेषों को खेतों में मिलाकर ही गेहूं की बिजाई कर रहे हैं। जिले में सरसों और गेहूं की बिजाई होती है।
कुछ स्थानों पर बारिश के कारण बिजाई की गई गेहूं में जमीन पर परत जम गई थी। इस पर किसानों ने दोबारा से बहाई करवानी पड़ी। इससे किसानों को प्रति एकड़ 500 रुपये अधिक खर्च वहन करना पड़ा। यह किसानों का अतिरिक्त खर्च है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गेहूं की बिजाई के लिए मौसम अनुकूल है। गेहूं की बिजाई के लिए खेतों को अच्छी प्रकार से तैयार कर समय पर बिजाई कर सकते हैं।
जिले में किसान एक ही बार जुताई करते हैं। पहले किसानों को दो से तीन बार गेहूं की बिजाई के लिए जुताई करनी पड़ती थी। जिले में इस बार 25.20 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई होनी है। इसमें से 50 फीसदी क्षेत्र में गेहूं की बिजाई का कार्य पूर्ण हो गया है। आगामी 10 दिनों तक 100 प्रतिशत क्षेत्र में गेहूं की बिजाई होनी संभव है।
कृषि विभाग के एसडीओ सतीश कुमार ने कहा कि कहना है कि
किसान अगैती गेहूं की फसल की पैदावार करने के लिए एचडी 2967, 4713, 2851, 2894, 2687, पीबीडब्ल्यू 550, 502, डब्ल्यूएच 542, 896 और यूपी 2338 किस्म के गेहूं के बीज बिजाई करें।
बारिश से हुआ अतिरिक्त खर्च
हाल ही में हुई बारिश से जो गेहूं बिजाई की गई थी, उसकी जमीन पर परत जम गई है। अब दोबारा बिजाई करनी पड़ी है। यह अतिरिक्त खर्च है। एक सप्ताह में गेहूं व सरसों की बिजाई का कार्य पूरा हो जाएगा। -साहिल चहल
सरसों की भी बिजाई साथ की
ने कहा कि गेहूं बिजाई का कार्य जारी है। आगामी 10 दिनों में गेहूं की बिजाई का कार्य पूर्ण हो जाएगा। इसके अलावा सरसों की बिजाई भी किसानों ने साथ ही साथ की है। क्षेत्र में सरसों की बिजाई कार्य पूरा हो गया है। - रामेश्वर फौजी नीमवाला