सरकार द्वारा किसानों की फसल ऑनलाइन बेचने को लेकर पाई मंडी के आढ़तियों में अभी से सरकार के प्रति रोष दिखाई देने लगा है। मंडी प्रधान रणधीर, आढ़ती सत नारायण, राम कुमार ने बताया मंडियों के अंदर आन लाइन खरीद बेच का कार्य चल नहीं सकता। मंडियों में फसलों से निकलने वाली मिट्टी काफी मात्रा में होती है। जिसके प्रदूषण से लोगों को सांस लेना मुश्किल होता है, ऐसी हालत में आढ़ती अपने कंप्यूटर, प्रिंटर को संभाल कर नहीं रख सकते और हर रोज उनके कंप्यूटर खराब रहेंगे। हर समय इंटरनेट भी नही चलता और चलाने के लिये कंप्यूटर चलाने का ज्ञान रखने वाले मुनीम रखने होंगे। जिनकी संख्या बहुत कम है। फसल का पैसा सीधा किसान के खाते में जाने में भी कई मुश्किलें पैदा होगी। कई किसानों को पहले दिया ऋण लेने और यह पता लगाना उनके खाते में फसल के पैसे आये या नही, भी मुश्किल होगा। सरकार को मंडियों से ई-नेम प्रणाली का निर्णय वापस लेना चाहिये।
किसानों में भी रोष
किसान बलवीर, नरेंद्र, सुरेश, जसमेर ने बताया सरकार ने जो फैसला लिया है। वह गलत है। इससे आढ़तियों के साथ-साथ किसान भी परेशान होंगे। बैंक कुछ समय ही खुले रहते हैं और आढ़ती के बैंक तो किसानों के लिये हमेशा चौबीस घंटे खुले रहते हैं। यहां तक की रविवार व अन्य छुट्टी के दिन भी वे आढ़ती से कभी भी पैसे का लेन देन कर सकते है। खेती का कार्य करना व किसान के लिये कभी भी अचानक देर-सवेर कभी भी जरूरत पड़ सकती है और वे उसी समय आढ़ती से पैसे ले सकते है, परन्तु बैंक ऐसा नही कर सकता।
ये जारी हुए हैं आदेश
केंद्र सरकार द्वारा देश की मंडियों को आनलाइन किया जा रहा है। यह मुहिम देश के प्रधान मंत्री ने डिजिटल इंडिया के द्वारा चलाई गई है। जिससे किसानों को देश की सभी मंडियों के भाव का पता चलेगा। किसान ऐसा देखकर ज्यादा मूल्य वाले व%