कलायत। भारतीय किसान यूनियन के सतपाल दिल्लोवाली ने आरोप लगाया है कि अनाज मंडियों में किसानों के साथ गेहूं की तुलाई में सरेआम ठगी मारी जा रही है। बैग में 50 किलोग्राम की जगह 51 से 52 किलो के बीच गेहूं भरी जा रही है।
सजूमा परचेज सेंटर में भाकियू के नेताओं ने स्वयं भरे हुए कट्टों की फिर से तुलाई करवाई जिनमें 5 सौ ग्राम से 2 किलो तक वजन अधिक निकला। भाकियू नेता ने बताया कि उनकी टीम ने सुपरवाइजर दर्शन कुमार की मौजूदगी में गेहूं के बैग में तौल की जांच अनेक दुकानों से करवाई। कुछ दुकानों पर 8 सौ ग्राम प्रति बैग अधिक गेहूं पाई गई तथा कुछ दुकानों पर तौल निर्धारित मात्रा से 2 किलोग्राम प्रति बैग तक अधिक पाया गया।
भाकियू नेता ने कहा कि आढ़तियों द्वारा विभाग की मदद से किसानों के साथ सरेआम धोखाधड़ी की जा रही है। उनका कहना था कि किसान कितनी मेहनत से दिनरात एक करके अपनी फसल को तैयार करता है। फसल को तैयार करने में जमीन के ठेके के साथ साथ आढ़ती से हर इनपुट ब्याज पर उठाता है। आढ़ती अपनेे पैसे का भारी भरकम ब्याज वसूलते हैं तथा जो भी कृषि उत्पाद किसान को दिलवाते हैं और उसमें भी खाद व दवा विक्रेता से भारी भरकम कमीशन वसूलते हैं।
मंडी में फसल आने के बाद उसी किसान से आढ़त वसूलते हैं। दिल्लोवाली ने कहा कि कलायत में भी उन्होंने अनेक स्थानों पर दुबारा तौल करवाया वहां भी गेहूं तुले हुए बैगों में निर्धारित वजन मात्रा से अधिक निकला है। भाकियू नेताओं ने सचिव मार्केट कमेटी से सारे मामले की लिखित शिकायत कर दोषियों के खिलाफ विभागीय व कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। इस मौके पर उनके साथ सुखपाल मोठसरा, गुरुनाम सिंह, लालू खुराना, सेवा सिंह, राजाराम खुराना, जयभगवान आदी भी मौजूद रहे।
भाकियू नेताओं से मिली शिकायत के बारे में जब मार्केट कमेटी की सचिव सविता चौधरी ने कहा कि वे शिकायत पर विभागीय संज्ञान लेंगी। उन्होंने कहा कि निर्धारित मात्रा से अधिक गेहूं कट्टे में डालना गैर कानूनी व किसान के साथ धोखा है। वे अपने स्तर पर भी इस मामले पर नजर रखेंगी तथा धोखा करने वाले आढ़तियों पर विभागीय कार्यवाही करवाऐंगी।