संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। विश्व मलेरिया दिवस वीरवार को मनाया जाएगा। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न शिक्षण संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों व स्टाफ को जागरूक किया जाएगा। जिलेवासियों के लिए सबसे राहत वाली बात यह है कि म्हारा कैथल पिछले छह साल से मलेरिया मुक्त है।
गर्मी शुरू होने के बाद मच्छरों के प्रकोप के बीच मलेरिया और डेंगू की बीमारी फैलने की आशंका रहती है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता की वजह से जिले में ये रोग पनप नहीं सके हैं।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी जोरदार है। इसके तहत 31 हजार से अधिक घरों का सर्वे किया जा चुका है। करीब 300 सैंपल मलेरिया की जांच के तहत लिए गए हैं। इसमें राहत की बात है कि अभी तक कोई केस पॉजिटिव नहीं आया है।
शिक्षण संस्थानों में करवाई जाएगी प्रतियोगिताएं ः शिक्षण संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित करने के साथ पेंटिंग सहित अन्य प्रतियोगिताओं के माध्यम से लोगों को मलेरिया से बचाव के लिए भी जागरूक किया जाएगा। वहीं डोर-टू-डोर अभियान चला मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया के बारे में भी लोगों को जानकारी दी जाएगी।
उप स्वास्थ्य केंद्र चंदाना के डाॅ. सुनील जांगड़ा ने बताया कि गांव के राजकीय स्कूल में पेंटिंग प्रतियोगिता करवाई जाएगी। वहीं, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में जागरूकता रैली भी निकाली जाएगी। इस रैली में लोगों को बीमारियों से बचाव के बारे में जानकारी दी जाएगी। पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर आने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अपने घरों के सदस्यों व आसपास के लोगों को मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक किया जाएगा। सप्ताह में एक दिन खुले में जमा पानी के सभी स्रोतों जैसे कूलर, टंकी होदी, फ्रिज के पीछे ट्रें ,टायर, मटके, गमले की सफाई के प्रति भी जानकारी दी जाएगी। इसके साथ-साथ लोगों को पंपलेट बांटकर मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक किया जाएगा
मलेरिया व डेंगू से बचाव को लेकर सर्वे शुरू कर दिया है। इसके लिए 28 रेपिड रिस्पांस टीमों का भी गठन किया गया है। इन टीमों ने अब डोर-टू-डोर सर्वे करके बुखार को लेकर जांच शुरू कर दी है। जिसमें अभी तक करीब 31 हजार घरों में जांच की जा चुकी है। इसमें करीब 300 से अधिक सैंपल लिए गए हैं। इसमें अभी तक मलेरिया का कोई भी केस सामने नहीं आया है। यह सर्वे लगातार एक महीने तक जारी रहेगा। -डॉ. रेनू चावला, सिविल सर्जन, कैथल।
मलेरिया के आंकड़े
वर्ष
मलेरिया केस
2014
45
2015
25
2016
16
2017
09
2018
03
2019
00
2020
00
2021
00
2022
00
2023
00
2024
00