महराजगंज। बदलते मौसम के बीच बढ़ रही ठंड बच्चों को बीमार कर रही है। हालात ये हैं कि जिला अस्पताल के एनआईसीयू में एक बेड पर दो-दो बच्चों को भर्ती करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को 32 बेड 49 बच्चे भर्ती मिले। इससे बच्चों और उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टर्स के मुताबिक मौसम परिवर्तन के साथ ही बीमार होने वाले बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
जानकारी के अनुसार, नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में 32 बेड हैं। इकाई पर 24 घंटे सेवा की सुविधा उपलब्ध है। प्रतिमाह इस व्यवस्था के बीच 100 की संख्या में बच्चे स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। इकाई पूरी तरह वातानुकूलित भवन में संचालित है। 13 स्टाफ नर्स और आठ बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती नवजात शिशु देखभाल इकाई में है। इस वार्ड में शिफ्टवार डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाती है। डॉक्टरों की ओर से बच्चों के बेहतर इलाज का प्रयास किया जाता है। लेकिन, इन दिनों मौसम के कारण यहां अव्यवस्था देखने को मिल रही है। लेकिन, इलाज सभी को चाहिए इसलिए मजबूरी में डॉक्टर्स को एक बेड पर दो बच्चों को भर्ती करना पड़ रहा है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल चौधरी ने बताया कि एक माह तक शिशु को सबसे ज्यादा गंभीर बीमारी का खतरा रहता है। देखभाल में थोड़ी सी भी लापरवाही बच्चों पर भारी साबित हो सकती है। ऐसे में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने देश में तेजी से हो रहे शिशु मृत्यु दर को ध्यान में रखते हुए जिला चिकित्सालय में बच्चों की देखभाल के लिए इस वार्ड को बनाया गया है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि बच्चों के बेहतर इलाज की व्यवस्था जिला अस्पताल में है। डॉक्टरों की टीम नवजात शिशु देखभाल इकाई में शिफ्टवार ड्यूटी पर लगी रहती है। भर्ती बच्चों का बेहतर ढंग से इलाज किया जाता है।